चंडीगढ़। पंजाब में पराली जलना शुरू हो गई है। पिछले पांच दिनों में खेतों में आग लगाने के 27 मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न जिलों में धान की पराली जलाने के खिलाफ किसानों को जागरूक करने के लिए एक गहन अभियान शुरू किया गया है। पंजाब और हरियाणा में अक्तूबर और नवंबर में धान की फसल की कटाई के बाद खेतों में आग लगाने को दिल्ली में वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण माना जाता है। रबी की फसल (गेहूं) की बुआई के लिए धान की कटाई के बाद समय बहुत कम होता है। इसलिए कुछ किसान अगली फसल की बुआई के लिए खेतों को जल्दी साफ करने के लिए फसल अवशेषों में आग लगा देते हैं। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार 15 सितंबर से चार जिलों में कुल 27 फसल अवशेष जलाने की घटनाएं हुईं। अमृतसर में सबसे अधिक 18, तरनतारन में पांच, पटियाला में तीन और फिरोजपुर में एक घटना दर्ज की गई। पीपीसीबी के अनुसार जो किसान फसल अवशेषों में आग लगाते हैं उन पर पर्यावरण मुआवजा के रूप में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। 15 सितंबर से शुरू हुई खेतों में आग की घटनाओं का रिकॉर्ड 30 नवंबर तक जारी रहेगा।