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झारखंड के रामगढ़ के बरकाकाना में मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात फैक्ट्री में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। फैक्ट्री में काम के दौरान अचानक टरबाइन ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि प्लांट में भीषण आग लग गई। रात की शिफ्ट में काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 3 इंजीनियर्स की झूलसने से मौत हो गई। वहीं एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की पहचान रांची के संजीव कुमार केसरी (50), बोकारो के जगेश्वर बिहार के विनीत महतो (25) और गढ़वा निवासी अभिषेक पांडेय (24) के रूप में हुई है। घायल मजदूर हजारीबाग निवासी तरुण रजवार को रांची रोड स्थित दि हॉप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। दमकल की 4-5 गाड़ियों ने बुझाई आग ब्लास्ट और आग लगने की सूचना मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद रामगढ़ से चार-पांच दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद फैक्ट्री के पावर प्लांट में लगी आग पर काबू पाया। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। शनिवार सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में फैक्ट्री गेट के सामने जमा होने लगे। ग्रामीणों ने हादसे में मारे गए कर्मचारियों के आश्रितों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग उठाई है। ग्रामीण फैक्ट्री गेट जाम करने की तैयारी में हैं। घटना को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। लोगों में फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश है। प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप फैक्ट्री के पावर प्लांट यूनिट के इंचार्ज अनुराग त्रिपाठी ने इस हादसे के लिए प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। उनका आरोप है कि प्लांट में तापमान अधिक बढ़ने और ओवरहीटिंग के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि तापमान को नियंत्रित करने के लिए प्रबंधन से बार-बार एसी लगाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। अगर समय रहते तापमान नियंत्रण की व्यवस्था की जाती तो हादसे को टाला जा सकता था। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस और फैक्ट्री प्रबंधन घटना के कारणों की जानकारी जुटा रहे हैं। हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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