नई दिल्ली52 मिनट पहले
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अगले साल से सुखोई-30 MKI इंजन की डिलीवरी शुरू होगी।
कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्युरिटी ने सोमवार(2 सितंबर) को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से सुखोई-30MKI विमान के लिए इंजन खरीद को मंजूरी दी। इस समझौते के तहत HAL 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 240 एरो-इंजन भारतीय वायुसेना को देगा।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एरो-इंजनों की पहली डिलीवरी एक साल बाद शुरू होगी और आठ सालों में सभी डिलीवरी पूरी कर ली जाएगी। इस इंजन में 54% से अधिक कंपोनेन्टस मेड-इन-इंडिया होगा। इसको HAL के कोरापुट डिवीजन में बनाया जाएगा।
सुखोई-30 MKI की खासियत

नए इंजन से सुखोई 30 MKI अपग्रेड होंगे
नए इंजनों के इस्तेमाल से भारतीय वायुसेना अपने लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करेगी। इससे सुखोई 30 MKI विमान अगले 30 साल की जरूरतें के हिसाब से अपग्रेड हो जाएंगी। इस पूरे अपग्रेड में 63 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले फेज में 84 सुखोई विमान अपग्रेड किए जाएंगे। इन लड़ाकू विमानों की मारक क्षमता को अचूक बनाने के लिए AI और डाटा साइंस का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
अब LCA के इंजन भी देश में ही बनेंगे
हल्के लड़ाकू विमान LCA MARK 2 (तेजस एमके 2) और स्वदेशी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) की पहली दो स्क्वॉड्रन के इंजन अब देश में ही बनेंगे। भारत में रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख डॉ. समीर वी कामत ने 18 नवंबर 2023 को बताया था कि अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) मिलकर ये इंजन बनाएंगी। अमेरिका से इसकी सभी मंजूरी मिल गई है। पूरी खबर पढ़ें…

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2045 तक वायु सेना के बेड़े में रहेगा सुखोई-30:अपडेट हो रहा सबसे ताकतवर फाइटर जेट; विरुपाक्ष रडार से लैस होगा, ज्यादा हथियार ले जा सकेगा

इंडियन एयरफोर्स सुखोई -30 एमकेआई फाइटर जेट को अगले 20 साल तक बेड़े में शामिल रखने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जेट में कई टेस्ट और बदलाव किए जा रहे हैं। वायु सेना के अधिकारियों ने कहा कि सुखोई को अपग्रेड करने के लिए HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) की मदद ली जा रही है।
यह रूसी फाइटर जेट सितंबर 2002 से वायु सेना में शामिल है। रूस के फाइटर जेट्स की एयरफ्रेम और दूसरे कंपोनेंट्स काफी मजबूत होते हैं। इसको लेटेस्ट एवियोनिक्स, हथियार और देश में तैयार हुए विरुपाक्ष रडार से लैस किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…



























