
बारिश
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर पश्चिम से लेकर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक देश के अधिकांश क्षेत्रों में मानसूनी बारिश हो रही है। बुधवार को पश्चिमी हिमालयी पहाड़ी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर वर्षा हुई। राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों के साथ मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में भारी तो कुछ में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। इससे उमसभरी गर्मी से राहत मिली है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के चलते असम समेत पूर्वोत्तर के राज्य बाढ़ का सामना कर रहे हैं। असम में स्थिति अत्यधिक गंभीर है और राज्य के 28 जिलों में 11.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। मणिपुर में स्कूल-कॉलेज बृहस्पतिवार तक बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने 7 जुलाई तक 32 राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में भारी से अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है और रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
बीते 24 घंटे के दौरान इन राज्यों में बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बीते 24 घंटे के दौरान गुजरात में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हुई। उत्तराखंड, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में भी विभिन्न क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। वहीं, हरियाणा, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर अच्छी बारिश हुई। दिल्ली-एनसीआर में दिन भर आसमान में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की से लेकर भारी बारिश भी हुई। कुछ स्थानों पर 60 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं भी चलीं। जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
असम में बाढ़ से बिगड़े हालात
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और कहा कि भौगोलिक कारकों के चलते बाढ़ की ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि चीन, भूटान और अरुणाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश के चलते असम में बाढ़ आई है जो राज्य के नियंत्रण से परे है। राज्य में ब्रह्मपुत्र समेत सभी नदियां उफान पर हैं। बारपेटा, कछार, दरांग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप समेत राज्य के 28 जिले बाढ़ की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित हैं। लखीमपुर जिले में सबसे अधिक 1.65 लाख बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।




























