मैनहटन10 मिनट पहले
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अमेरिका में दो बार चोरी करने के बाद पर्सनल असिस्टेंट टायरेस हास्पिल ने टेक कंपनी के CEO की हत्या कर दी थी।
अमेरिका के मैनहटन में एक टेक कंपनी के CEO फहीम सालेह की उसी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) ने चाकू मारकर हत्या कर दी। अमेरिकी मीडिया न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान PA टायरेस हास्पिल ने बताया कि उसने कंपनी से 3 करोड़ रुपए चुराए थे।
हास्पिल को डर था कि अगर उसकी फ्रांसीसी गर्लफ्रेंड को इस बात का पता चला तो वह उसे छोड़कर चली जाएगी। इसलिए उसने कंपनी के CEO की हत्या कर दी। मामला साल 2020 का है, जिस पर अब मैनहटन कोर्ट में सुनवाई हो रही है।
हास्पिल 13 जुलाई, 2020 को CEO के घर में घुसा और उस पर टेजर से हमला किया। फहीम के बेहोश होने के बाद आरोपी ने उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी। फिर वह अगले दोबारा वहां आया और फहीम के शरीर के कई टुकड़ों में काटा।

टेक कंपनी के CEO फहीम सालेह की नेटवर्थ 1 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा थी।
सबूत मिटाने के लिए वैक्यूम क्लीनर से घर साफ किया
हास्पिल ने हत्या का सबूत मिटाने के लिए वैक्यूम क्लीनर से पूरा घर साफ किया। हालांकि, इस बीच वह एंटी-फेलन डिस्क घर में ही भूल गया, जिसकी मदद से पुलिस उस तक पहुंच पाई। दरअसल, इस डिस्क में एक नंबर लिखा हुआ था, जो टेजर के नंबर से मैच करता था, जिसे हास्पिल ने एक महीने पहले ही खरीदा था।
फहीम को ढूंढते हुए जब उसकी चचेरी बहन उसके घर पहुंची तो उसने देखा कि शव का एक हिस्सा लिविंग रूम में एक प्लास्टिक बैग में रखा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने हास्पिल को 17 जुलाई 2020 को गिरफ्तार कर लिया था।
सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील सैम रॉबर्ट्स ने बताया कि वह मानसिक तौर पर परेशान था। गर्लफ्रैंड को चोरी का पता न चले इसके लिए उसके पास दो विकल्प बचे थे। पहला या तो वह फहीम को मार दे या फिर खुद मर जाए। उसने फहीम को मारना बेहतर समझा।

आरोपी फाहीम के वकील ने कहा है कि वह मानसिक तौर पर परेशान है। उसकी मां उसे बचपन से प्रताड़ित करती रही है।
कंपनी से पहले भी चुराए थे 90 लाख रुपए
हास्पिल इससे पहले जनवरी 2020 में भी कंपनी से 90 लाख रुपए चुरा चुका था। जब CEO फहीम को हास्पिल की चोरी के बारे में पता चला था तो उसने आरोपी को एक और मौका देकर छोड़ दिया था। फहीम ने आरोपी हास्पिल को चोरी किए गए पैसे चुकाने के लिए कहा था। इसके बाद से वह हर महीने अपनी सैलेरी का कुछ हिस्सा कंपनी को देता था।
इस घटना के बाद भी हास्पिल ने कंपनी से पैसे चोरी करना जारी रखा। हास्पिल के दोस्तों ने बताया कि फहीम की हत्या करने से पहले वह उसी का क्रेडिट कार्ड भी इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद एक दिन वह दोबारा पकड़ा गया। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि पहले तो हास्पिल ने चोरी के आरोपों को नकार दिया, लेकिन फिर फहीम ने उसे पुलिस से शिकायत करने की धमकी दी।
फहीम ने फर्स्ट-डिग्री मर्डर का चार्ज नकारा, वकील बोले- वह मानसिक तौर पर परेशान
शुक्रवार (24 मई) को सुनवाई के दौरान आरोपी फहीम ने कोर्ट के सामने फर्स्ट-डिग्री मर्डर के चार्ज को नकार दिया है। इस चार्ज के तहत उसे 20 साल तक की सजा हो सकती थी।
फहीम के वकील ने बताया कि वह बचपन से ही मानसिक प्रताड़ना का शिकार रहा है। उसकी मां उसे एक कमरे में बंद करके रखती थी। साथ ही उसे मारा-पीटा भी जाता था। वकील ने उम्मीद जताई है कि आरोपी की खराब मानसिक हालत की वजह से उसे सजा में रियायत मिलेगी। इस पर उसे 5-25 साल तक जेल की सजा हो सकती है।
























