न्यू जर्सी51 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
अमेरिका की बड़ी मेडिकल लैब कंपनियों में शामिल क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स पर साइबर हमला हुआ है। इसमें मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी और निजी जानकारी तक गैर-कानूनी पहुंच बनाई गई।
कंपनी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। साइबर सुरक्षा रिसर्च कंपनी कंपैरीटेक के मुताबिक, सितंबर 2026 तक दुनियाभर के हेल्थकेयर सेक्टर पर 716 हमले दर्ज किए गए। इनमें से 410 हमले अकेले अमेरिका में हुए।
क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स का ऑनलाइन सिस्टम हैक हुआ
कंपनी के मुताबिक, उसके क्वानम लैब सर्विसेज मैनेजर (LSM) सिस्टम पर साइबर हमले का असर पड़ा। इस ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल कुछ ग्राहक लैब टेस्ट के ऑर्डर देने, जांच के नतीजे पाने और रिपोर्ट देखने के लिए करते हैं।
क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स को जैसे ही इस घटना का पता चला, उसने प्रभावित सिस्टम का इस्तेमाल रोक दिया। कंपनी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। इसके लिए संबंधित कानून एजेंसियों के साथ भी काम किया जा रहा है।
कंपनी ने कहा कि इस साइबर हमले से उसका रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित नहीं हुआ है। डॉक्टर और स्वास्थ्य संस्थान पहले की तरह लैब के सिस्टम या इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (EMR) के जरिए जांच के लिए सैंपल भेज सकते हैं।
कंपनी ने कहा कि वह मरीजों की निजी जानकारी और सुरक्षा को गंभीरता से लेती है। प्रभावित सिस्टम को जल्द से जल्द पूरी तरह बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
मरीजों की कौन-सी जानकारी प्रभावित हुई?
क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स के मुताबिक, उस ऑनलाइन सिस्टम में मौजूद कुछ मरीजों के डेटा तक बिना इजाजत पहुंच बनाई गई। हालांकि, कंपनी के दूसरे सिस्टम प्रभावित नहीं हुए।
कंपनी ने बताया कि इस घटना में मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और पहचान से जुड़ी निजी जानकारी तक पहुंच बनाई गई। लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि कौन-सी खास जानकारी देखी गई या प्रभावित हुई।
कंपनी जांच कर रही है कि कितने डेटा तक पहुंच बनाई गई थी। उसने कहा कि कानून के तहत जिन लोगों को इस घटना की जानकारी देना जरूरी होगा, उन्हें सूचित किया जाएगा।
अमेरिका में जुलाई-सितंबर के बीच 185 हमले हुए
साइबर सुरक्षा रिसर्च कंपनी कंपैरीटेक की रिपोर्ट के मुताबिक, हैल्थसेक्टर में इस साल जनवरी से जून के बीच दुनियाभर में 410 साइबर हमले और अमेरिका में 225 हमले दर्ज किए गए। जुलाई से सितंबर के बीच दुनियाभर में 306 और अमेरिका में 185 हमले सामने आए।
इन हमलों में हैकर किसी कंप्यूटर सिस्टम या नेटवर्क का डेटा लॉक कर देते हैं या उसे चुरा लेते हैं। इसके बाद डेटा वापस करने या सिस्टम खोलने के बदले फिरौती मांगी जा सकती है। हालांकि, हर साइबर हमले में फिरौती मांगी जाए यह जरूरी नहीं है।
अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग (HHS) के रिकॉर्ड के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक कम से कम 500 लोगों को प्रभावित करने वाली डेटा लीक की 571 घटनाएं दर्ज की गई थीं। इनमें 485 घटनाएं हैकिंग या IT सिस्टम से जुड़ी थीं। इन घटनाओं से करीब 7.67 करोड़ लोगों की जानकारी प्रभावित हुई थी।
क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स का पहले भी डेटा लीक हो चुका
न्यू जर्सी में स्थित क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स के साथ पहले भी मरीजों की जानकारी लीक होने की घटनाएं हो चुकी हैं।
साल 2016 में कंपनी ने बताया था कि डेटा लीक की एक घटना में करीब 34 हजार लोगों की जानकारी प्रभावित हुई थी। इसमें लैब जांच के नतीजे और संपर्क से जुड़ी जानकारी शामिल थी।
इसके बाद 2019 में कंपनी के करीब 1.19 करोड़ मरीजों की निजी जानकारी प्रभावित हुई थी।
——————–
यह खबर भी पढ़ें…
फ्रांस के सुपरमार्केट्स पर साइबर अटैक: 480 से ज्यादा दुकानों के फ्रिज 50°C तक गर्म, खाना खराब हुआ, कई जगह आग लगी
फ्रांस में सैकड़ों सुपरमार्केट्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर सोमवार को बड़ा साइबरअटैक हुआ। इससे 480 से ज्यादा दुकानों के फ्रिज और फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पूरी खबर पढ़ें…










![JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan](https://i.ytimg.com/vi/-dsfIh319s0/maxresdefault.jpg)








