मोहाली। ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर सर्जन से 90.93 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। सेक्टर-79 निवासी डॉ. पंकज भल्ला की शिकायत पर पुलिस ने बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबरों की जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम थाना फेज-4 ने अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) व आईटी एक्ट की धारा 66(सी), 66 (डी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले को हल करने और ठगों तक पहुंचने के लिए साइबर एक्सपर्ट की टीम काम कर रही है। डॉ. भल्ला ने 19 फरवरी को ट्रेडिंग शुरू की थी। मई में उन्होंने कंपनी में निवेश रुपयों को निकालने की कोशिश की तो ठगों ने उनका अकाउंट ही बंद कर दिया।
Trending Videos
डॉ. पंकज भल्ला ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह प्राइवेट क्लीनिक में सर्जन हैं। 19 फरवरी 2025 को उनको टीम ऑब्रे डॉट फन नाम से एक ई-मेल मिली। उसमें एस एंड डब्ल्यू ऑब्रे कैपिटल मैनेजमेंट इनवेस्टमेंट फंड्स के बारे में जानकारी दी गई थी। मेल में कंपनी का पता मनी मार्ग हाईटेक सिटी हैदराबाद तेलंगाना दिया गया था। मेल में कस्टमर सर्विस मैनेजर का नंबर अंकित था। कंपनी के प्रतिनिधी अनूप मेहरा का व्हाट्सएप नंबर भी दिया गया था। कंपनी प्रतिनिधी अनूप मेहरा से उनका संपर्क हुआ तो उन्होंने व्हाट्सएप पर एक एसएनऑब्रे1 डॉट प्रीपोन डॉट वीआईपी का लिंक भेजा। इस लिंक को क्लिक करने पर उनका ट्रेडिंग अकाउंट शुरु हो गया। उनको एमके-एस एंड डब्ल्यू ग्रुप का मैंबर बना लिया गया। अनूप उनसे रोजाना ट्रेडिंग करवाने के लिए संपर्क करता। 19 फरवरी से लेकर मई के अंतिम सप्ताह तक उन्होंने कंपनी में ट्रेडिंग की। 9 किश्तों में उन्होंने कंपनी में रुपये निवेश किए। 19 फरवरी को 20 हजार, 20 फरवरी को 20 हजार, 24 फरवरी को 2.20 लाख, 25 फरवरी को 7 लाख, 28 फरवरी को 9.05 लाख, 11 मार्च को 20 लाख, 18 मार्च को 9 लाख, 27 मार्च को 28 लाख 85 हजार 692, 27 मार्च को 28 लाख 85 हजार 695 और 2 अप्रैल को 14 लाख 42 हजार 846 रुपये निवेश किए। निवेश करते-करते उनको प्राॅफिट नजर आता गया। उन्होंने अपना रुपया निकालने का प्रयास किया तो उनका अकाउंट डिलिट कर दिया गया। उन्होंने जब दिए नंबरों पर संपर्क किया तो उनसे भी संपर्क नहीं हुआ। उन्होंने साइबर पुलिस को इसकी शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।