चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में 18वीं चंडीगढ़ साइंस कांग्रेस (चेस्कॉन-2025) के दूसरे दिन 8 अलग-अलग वैज्ञानिक सत्र आयोजित हुए और 609 मौखिक-पोस्टर प्रेजेंटेशन दिए गए। इस दौरान तीन पद्मश्री वैज्ञानिकों के हैरान करने वाले खुलासे हुए।
आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व प्रोफेसर पद्मश्री प्रो. अनिल कुमार गुप्ता ने जब मंच संभाला तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उन्होंने बताया गांव की महिलाएं जलकुंभी से रेशा बना रही हैं, पक्षियों के पंख से सिल्क तैयार हो रहा है। यह असली समावेशी नवाचार है। उनका सीधा संदेश युवाओं को विज्ञान को उद्यमिता और समाज से जोड़ने का था।
पद्मश्री प्रो. दिगंबर बेहरा ने बताया कि एआई अब कैंसर की दवा खोजने के 94-100 फीसदी सटीक है। भारत में हर साल 4 लाख मरीज अस्पतालों में गलतियों का शिकार होते हैं। एआई उन्हें बचा सकता है। उन्होंने लाइव डेमो दिखाया कि कैसे 2 मिनट में एआई ब्रेन ट्यूमर की एमआरआई पढ़ लेता है, जिसे डॉक्टर को 40 मिनट लगते हैं।
पीजीआई के कार्डियोलॉजी हेड प्रो. अजय बहल ने खुलासा किया कि नेक्स्ट-जेन सीक्वेंसिंग से हम 5 दिन में पता लगा लेते हैं कि दिल की बीमारी जेनेटिक है या नहीं। पहले इस काम में 6 महीने लगते थे। अब 25 साल के युवाओं को भी समय रहते दिल का इलाज मिल रहा है। इसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल तक से 2000 से ज्यादा स्टूडेंट्स शोधकर्ता पहुंचे। एक स्टूडेंट ने तो चाय की पत्ती से बैटरी बना डाली, जिसे देखकर जज भी दंग रह गए। तीन-तीन कैटेगरी में बेस्ट अवार्ड्स घोषित किए गए जिसमें अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी रिसर्च स्कॉलर कैटेगरी थी।










![JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan](https://i.ytimg.com/vi/-dsfIh319s0/maxresdefault.jpg)











