{“_id”:”678eaf273681d81df2034134″,”slug”:”punjab-raj-bhawan-reverberated-with-the-confluence-of-bhangra-and-kazakhstan-dance-chandigarh-news-c-16-pkl1043-613783-2025-01-21″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Chandigarh News: भंगड़े और कजाकिस्तान नृत्य के संगम से गूंज उठा पंजाब राजभवन”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
डांस करतीं कलाकार।
चंडीगढ़। पंजाब राजभवन में सोमवार को रूहानी संगीत शाम आयोजित की गई। पूरा राजभवन पंजाब और कजाकिस्तान के सांस्कृतिक और संगीत वातावरण से गूंज उठा। कजाकिस्तान के कलाकारों का स्वागत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि संगीत हमेशा आत्मा को खुशी देता है और यह भाषा की रुकावटों को पार करके संस्कृतियों और सभ्यताओं को आगे बढ़ाने का एक बेहतरीन ढंग है। राज्यपाल ने कहा कि इस आकर्षक शाम ने पंजाब और कजाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत किया है।
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कटारिया ने कहा कि पंजाब ने आने वाली पीढ़ियों को एक महान सांस्कृतिक विरासत दी है। पंजाब द्वारा अंतरराष्ट्रीय मित्रता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए आयोजित महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान कजाकिस्तान से आई सांस्कृतिक मंडली का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में संस्कृतियों का आकर्षक मेल देखा गया। कज़ाख कलाकारों ने अपने आकर्षक पारंपरिक नृत्य और रूहानी संगीत के साथ दर्शकों का मन मोह लिया और सभी दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। पंजाब ने भी अपने भंगड़े, गत्तके और अन्य पारंपरिक नृत्य प्रदर्शनों के माध्यम से पंजाब की जीवंत विरासत को प्रदर्शित करते हुए मंच को पूरी ऊर्जा से भर दिया और दर्शकों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने पंजाब की समृद्ध विरासत और राज्य को वैश्विक स्तर पर पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के प्रयासों पर जोर दिया।
पंजाब में इतिहास, जीवंत संस्कृति, समृद्ध विरासत और आधुनिकता का संगमः सौंद
पंजाब के कैबिनेट मंत्री सौंद ने दुनियाभर के लोगों को पंजाब की सुंदरता, विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का आनंद लेने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सिर्फ एक पर्यटन केंद्र नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अनुभव है जहां इतिहास, जीवंत संस्कृति, समृद्ध विरासत और आधुनिकता का संगम मिलता है। पंजाब सरकार की योजनाओं में हरमंदिर साहिब, दुर्गियाणा मंदिर, जलियांवाला बाग आदि स्थलों को प्रदर्शित करने के लिए ठोस प्रयासों के माध्यम से विरासत को प्रोत्साहित करना और गांवों के पर्यटन को बढ़ावा देकर पंजाब के हरे-भरे जलगाहों और खूबसूरत मैदानों को प्रदर्शित करना शामिल है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, चंडीगढ़ के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव के. शिव प्रसाद, सचिव पर्यटन मालविंदर सिंह जग्गी और निदेशक अमृत सिंह व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।