पाकिस्तान में रविवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.2 मापी गई। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग दहशत में आए गए और अपने घरों से बाहर आ गए। सड़कों पर लोगों के बीच अफरातफरी देखी गई। नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार की सुबह 3:54 बजे पाकिस्तान में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया।
150 किलोमीटर की गहराई में था केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार रविवार तड़के आए भूकंप का केंद्र पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में 150 किलोमीटर की गहराई में था। साथ ही इसका स्थान 30.25 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 69.82 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। हालांकि इस भूकंप से किसी जनहानि की खबर अभी नहीं आई है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान दुनिया के सबसे ज़्यादा भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों में से एक है। यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। बीते माह 10 मई को भारत से जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था, और इसका स्थान 29.67 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 66.10 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया था।
यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेटों को ओवरलैप करता है पाकिस्तान
पाकिस्तान भूगर्भीय रूप से यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेटों को ओवरलैप करता है। बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान प्रांत ईरानी पठार पर यूरेशियन प्लेट के दक्षिणी किनारे पर स्थित हैं। सिंध, पंजाब और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर प्रांत दक्षिण एशिया में भारतीय प्लेट के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर स्थित हैं। ऐसे में यहां ये दोनों टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं इस वजह से भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।
जानें क्यों आता है भूकंप?
धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती हैं। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टेक्टोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टेक्टोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपन हो जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है।
जानिए भूकंप के केंद्र और तीव्रता का क्या मतलब है?
भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से धरती हिलने लगती है। इस स्थान पर या इसके आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा होता है। अगर रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है।