न्यूयॉर्क12 मिनट पहले
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व्हाइट हाउस बोला- बाइडेन नरेंद्र मोदी के साथ दोस्ती और गहरी करना चाहते हैं।
अमेरिका ने भारत में हो रहे चुनाव की सराहना की है। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार (17 मई) को कहा कि दुनिया में भारत से ज्यादा जीवंत लोकतंत्र कहीं और नहीं हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि भारतीयों की वोट देने और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की क्षमता तारीफ के काबिल है।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया कि अमेरिका भारत में हो रहे चुनाव को करीब से देख रहा है। हम इस प्रक्रिया में लगातार सुधार की मांग करते हैं।
जॉन किर्बी ने कहा, “भारत में 96 करोड़ लोग वोटिंग प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं, जो 2,660 रजिस्टर्ड पार्टियों के कैंडिडेट को चुनने वाले हैं। भारतीय हजारों उम्मीदवारों में से 545 संसद सदस्यों का चुनाव कर रहे हैं, जिसके के लिए 10 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन हैं।”
व्हाइट हाउस का ये बयान तब सामने आया है जब ग्लोबल मीडिया भारत में हो रहे चुनाव को लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहा है। चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
एक नजर अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स पर…

अमेरिकी मीडिया हाउस ‘द कन्वर्सेशन’ ने भारत हो रहे चुनाव को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।

अमेरिकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने चुनाव को मुस्लिमों के खिलाफ बताया था।

अमेरिकी न्यूज चैनल CNN ने बॉलीवुड पर चुनाव में BJP का साथ देने का आरोप लगाया है।

FOX न्यूज ने चुनाव में BJP के जीतने से देश के 20 करोड़ मुस्लिमों के खतरा बताया है।

ब्लूमबर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनाव में ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाया है।
भारत-अमेरिका संबंध पर व्हाइट हाउस
किर्बी ने बताया, “अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पिछले तीन सालों से भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत किया। बाइडेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दोस्ती और गहरी करना चाहते हैं। हमने भारत के साथ मिलकर नई टेक्नोलॉजिस्ट इंडस्ट्रीज और इंडो-पैसेफिक क्वाड को बढ़ाया है। दोनों देशों की सेनाएं भी कई युद्ध अभ्यास में हिस्सा ले चुकी हैं।”
बाइडेन ने कहा था भारत प्रवासियों से नफरत करने वाला देश, व्हाइट हाउस ने चुप्पी साधी
जब व्हाइट हाउस से राष्ट्रपति जो बाइडेन के भारत प्रवासियों से नफरत करने वाला देश वाले बयान पर जवाब मांगा गया तो वे इसे टालते नजर आए। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2 मई को कहा था कि विदेशियों से नफरत के चलते भारत और चीन जैसे देशों का आर्थिक विकास धीमा है। ये नहीं चाहते कि प्रवासी इनके देश में जाएं, जबकि प्रवासी हमें मजबूत बनाते हैं।
कई सालों से देखा गया है कि बाइडेन पहले भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, फिर इसके बाद व्हाइट हाउस इसे ठंडा करने के लिए भारत की तारीफ करता है।
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