चंडीगढ़। सेक्टर-9 के यूटी सचिवालय में हुई बुधवार को जनता दरबार में एक बार फिर लोगों की समस्याएं सीधा प्रशासक गुलाबचंद कटारिया के सामने पहुंचीं। सबसे बड़ा मामला उस व्यक्ति का रहा, जिसने मकान बेचने के बाद मार्च में एनओसी के लिए आवेदन किया और पैसे भी जमा कर दिए, लेकिन एस्टेट ऑफिस ने नए कलेक्टर रेट का हवाला देकर महीनों से उसे चक्कर कटवाए। प्रशासक इस पर खफा नजर आए। प्रशासक की सुनवाई के दौरान रायपुर कलां–हरमिलाप नगर रेलवे अंडरब्रिज, रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन और अन्य निजी समस्याओं को लेकर कुल 17 लोग दरबार में पहुंचे, जिनमें से कई शिकायतों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।
केस 1 – एनओसी अटका मामला, तत्काल आदेश दिए गए
एक व्यक्ति ने अपनी संपत्ति बेच दी थी, लेकिन उसे एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने मार्च में ही पैसा जमा करा दिया था, लेकिन फाइल यह कहकर रोक दी गई कि अब कलेक्टर रेट बदल गए हैं और उसे नए रेट के हिसाब से पैसा जमा करना होगा। इस पर प्रशासक ने स्पष्ट किया कि जब पैसा पुराने रेट लागू रहते हुए जमा हो चुका है, तो नए रेट के आधार पर मांग गलत है। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत एनओसी जारी करने और इस फाइल में अनावश्यक देरी करने वालों की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति को बेवजह परेशान कर रहा था, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस केस की फाइल भी मंगवा ली है।
केस 2 – रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन का मामला
जनता दरबार में रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन से जुड़ी समस्या भी सामने आई। विशेष रूप से 2022 के बाद रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन में अड़चन आ रही थी। प्रशासक ने इस विषय पर अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले को समझा। उन्होंने कहा कि पेंशन की राशि केंद्र सरकार से आनी होती है और प्रशासन का काम केवल प्रोसेस करना है। इसलिए प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
केस 3 – विकास नगर में आरयूबी निर्माण का मुद्दा
विकास नगर के पास ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए वहां एक अंडरपास (आरयूबी) बनाने की योजना है। इस संबंध में प्रशासक ने कहा कि जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी प्रशासन की है। एक जरूरी परमिशन अटकी हुई थी, जिसमें खर्च का 50 प्रतिशत प्रशासन को देना है ताकि रेलवे अपना काम शुरू कर सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जल्द फैसला लेने और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कुछ व्यक्तिगत समस्याएं भी हुईं हल
दरबार में कोयला डिपो के अटके हुए नक्शे और कुछ लोग अपनी व्यक्तिगत समस्याएं लेकर पहुंचे थे, जिनका समाधान मौके पर ही कर दिया गया। प्रशासक ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता को बेवजह इधर-उधर न दौड़ाया जाए और हर शिकायत को संवेदनशीलता से हल किया जाए। कहा कि पिछली बार जो 12 शिकायतें सामने आई थीं, उन पर भी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके समाधान की दिशा में काम किया गया है।


























