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- Kolkata Doctor Rape Murder Case; CBI Vs Police | Sandip Ghosh Sanjay Roy
कोलकाता17 मिनट पहले
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CBI ने रेप-मर्डर मामले में सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अभिजीत मंडल को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर मामले की जांच कर रही CBI ने नए खुलासे किए हैं। एजेंसी ने बुधवार को सियालदह कोर्ट में दावा किया कि ताला पुलिस स्टेशन में रेप-मर्डर मामले से जुड़े कुछ डॉक्यूमेंट्स गलत तरीके से बनाए और बदले गए थे।
CBI ने बताया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय रॉय के कपड़े और सामान जब्त करने में दो दिनों की देरी की। समय पर उनकी जांच होती तो आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत मिल सकते थे। एजेंसी ने पुलिस स्टेशन का सीसीटीवी फुटेज सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (CFSL) में जांच के लिए भेजा है।
CBI अब संजय रॉय, मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अभिजीत मंडल के बीच किसी आपराधिक साजिश की जांच कर रही है। कोर्ट ने संदीप घोष और निलंबित पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल की CBI हिरासत 30 सितंबर तक बढ़ा दी है।

तस्वीर ट्रेनी डॉक्टर के मर्डर के आरोपी संजय रॉय की है।उसे 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।
30 सितंबर को घोष-मंडल से नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट की सहमति मांगी जाएगी 30 सितंबर को अगली सुनवाई में घोष के नार्को-टेस्ट और अभिजीत मंडल के पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए उनकी सहमति मांगी जाएगी। CBI ने अभिजीत मंडल को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था।
संदीप घोष मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितता मामले मे 16 अगस्त से न्यायिक हिरासत में था। 2 सितंबर को CBI ने उसे भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया। उसे रेप-मर्डर मामले में 14 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
अस्पताल के सेमिनार हॉल में 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार हॉल में 9 अगस्त की सुबह ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। वह 8 अगस्त की रात नाइट शिफ्ट के दौरान वहां आराम करने गई थी। पुलिस ने 10 अगस्त को सिविक वालंटियर संजय रॉय को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।
वह 9 अगस्त की सुबह 4.03 बजे सेमिनार हॉल में घुसते हुए देखा गया था। कलकत्ता हाई कोर्ट ने 13 अगस्त को मामले की जांच कोलकाता पुलिस से CBI को ट्रांसफर कर दिया। CBI ने 14 अगस्त को अपने हाथों में इन्वेस्टिगेशन लिया था।
CBI जांच में खुलासा- घोष ने घटना के अगले दिन रेनोवेशन का ऑर्डर दिया

13 अगस्त की शाम आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल के पास शुरू हुए रेनोवेशन की तस्वीर।
5 सितंबर को CBI की जांच में सामने आया कि ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर के अगले दिन ही संदीप घोष ने सेमिनार हॉल से लगे कमरों के रेनोवेशन का ऑर्डर दिया था। 13 अगस्त को सेमिनार हॉल के पास तोड़-फोड़ भी शुरू हो गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, CBI को ऐसे डॉक्यूमेंट मिले हैं, जिनमें इस बात की पुष्टि हुई है कि संदीप घोष ने 10 अगस्त को लेटर लिखकर स्टेट पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) को सेमिनार हॉल से लगे कमरे और टॉयलेट का रेनोवेशन करने को कहा था। इस परमिशन लेटर पर घोष के साइन भी हैं।
PWD स्टाफ ने सेमिनार हॉल से लगे कमरे का रेनोवेशन शुरू कर दिया था। हालांकि, कॉलेज स्टूडेंट्स ने इस केस को लेकर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जिसके चलते रेनोवेशन के काम को वहीं रोक दिया गया।
जांच अधिकारियों का कहना है कि रेनोवेशन लेटर से यह साफ हो रहा है कि घोष को यह काम कराने की जल्दी थी, लिहाजा यह डॉक्यूमेंट रेप-मर्डर केस और आरजी कर कॉलेज में वित्तीय गड़बड़ी के केस के बीच कड़ी जोड़ने में मदद कर सकता है।
संदीप घोष ने 12 अगस्त को इस्तीफा दिया, करप्शन के आरोप लगे रेप-मर्डर की घटना के 3 दिन बाद संदीप घोष ने 12 अगस्त को घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रिंसिपल पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, CBI ने उसे 16 अगस्त को आरजी कर कॉलेज में भ्रष्टाचार करने के मामले में हिरासत में लिया।
24 अगस्त को घोष के खिलाफ वित्तीय अनियमितता का मामला दर्ज किया था। CBI ने यह कार्रवाई कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर की थी। इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 28 अगस्त को संदीप घोष की सदस्यता सस्पेंड कर दी थी।

CBI जांच में वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े खुलासे…
- संदीप घोष ने मेडिकल हाउस स्टाफ की नियुक्ति के लिए एक इंटरव्यू सिस्टम शुरू किया। हालांकि अस्पताल में इंटरव्यू लेने वालों का कोई पैनल नहीं था। नियुक्ति से पहले इंटरव्यू के फाइनल मार्क्स जारी किए जाते थे। घोष पर कई योग्य ट्रेनी डॉक्टरों को नियुक्त नहीं करने का भी आरोप है।
- संदीप घोष 2016 से 2018 के बीच मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में पोस्टेड था। वह तब से बिप्लव और सुमन को जानता था। घोष अपने सिक्योरिटी गार्ड, बिप्लव और सुमन के साथ भ्रष्टाचार का नेटवर्क चलाता था।
- घोष ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल बनने के बाद बिप्लव और सुमन को कोलकाता बुला लिया। उसने दोनों वेंडर्स को अस्पताल के कई टेंडर दिलवाए। घोष का गार्ड अस्पताल के बायोमेडिकल कचरे को बेचने के लिए भी वेंडर्स से कॉन्ट्रैक्ट करता था।
- बिप्लब मां तारा ट्रेडर्स, बाबा लोकनाथ, तियाशा एंटरप्राइजेज समेत कई कंपनियां चलाता था। वह इन सभी कंपनियों के नाम पर अस्पताल में टेंडर्स के लिए अप्लाई करता था। ताकि टेंडर के लिए मार्केट में कॉम्पिटिशन दिखे। इसी में किसी एक कंपनी को टेंडर मिलता था।
- CBI को बिप्लब की कंपनियों को टेंडर दिए जाने के तरीके में भी कई खामियां मिली हैं। CBI ने कहा कि वर्क ऑर्डर के लेटर कॉलेज के कई अधिकारियों को लिखे जाते थे, लेकिन उन्हें ये लेटर कभी सौंपे ही नहीं गए। इसका मतलब टेंडर प्रोसेस में अन्य अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया।
- एजेंसी के मुताबिक, घोष के गार्ड की पत्नी नरगिस की कंपनी ईशान कैफे को अस्पताल में कैंटीन का ठेका मिला। संदीप घोष ने गार्ड की पत्नी की कंपनी को नॉन-रिफंडेबल कॉशन मनी भी लौटा दी।














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