8 घंटे पहले
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सीजफायर के दौरान हमास और इजराइली सेना एक-दूसरे पर हमला नहीं करेंगे।
इजराइल और हमास के बीच सीजफायर को दो दिन बढ़ा दिया गया है। इस पर हमास का कहना है कि वो जंग खत्म करना चाहता है। अल जजीरा के मुताबिक, हमास लीडर गाजी हमद ने कहा- मुझे उम्मीद है कि ऐसा करके हम जल्द जंग खत्म कर पाएंगे और फिलिस्तीनी लोगों पर हो रहे हमलों को रोक पाएंगे।
उन्होंने कहा- मिस्र, कतर और पश्चिमी देशों की सरकारें भी चाहती हैं कि जल्द युद्धविराम हो। हम चाहेंगे की इंटरनेशनल कम्युनिटी इजराइल पर हमले रोकने का दबाव बनाएं। वहीं, दो दिन के लिए बढ़ाए गए सीजफायर में 10-10 बंधक आजाद होंगे।
मिस्र, कतर और अमेरिका के दबाव के बाद सीजफायर बढ़ाया गया है। मिस्र ने इसकी जानकारी दी। इसके मुताबिक, 20 और बंधकों को आजाद करने पर सहमति बनी है। बदले में इजराइल 60 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा।
इधर, इजराइल और हमास के बीच सीजफायर के चौथे दिन हमास 11 बंधकों को आजाद करेगा। बदले में इजराइल 33 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। 24 नंवबर को शुरू हुए सीजफायर में 50 बंधकों और 150 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने पर सहमति हुई थी।

तस्वीर हमास कैद से रिहा हुई 4 साल की एविगेल एदान की है। उसे गाजा से लौटने के बाद चेक-अप के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अब उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
हमास आतंकियों को ‘बाय’ करते नजर आए बंधक
4 दिन के सीजफायर में करीब 58 बंधकों को आजाद किया। इसे जुड़े वीडियो सामने आए। कुछ वीडियो में बंधक हमास आतंकियों को खुशी से बाय करते नजर आए। वीडियो में ऐसा लग रहा है जैसे आतंकी बंधकों के दोस्त हों। हालांकि एक वीडियो में यह सामने आई है कि आतंकियों ने ही बंधकों को ‘बाय’ बोलने के निर्देश दिए थे। एक वीडियो में आतंकी कीप वेविंग कहते सुनाई दे रहा है। जिसके बाद दो बंधक उसे ‘बाय’ कर रहे हैं।

इस फुटेज में बंधक हमास आतंकियों को ‘बाय’ करते नजर आ रहे हैं।
बंधकों के परिजानों को जॉब सिक्योरिटी देने वाला कानून पास
टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, इजराइली संसद नीसेट ने जंग से प्रभावित लोगों और बंधकों के परिजनों को नौकरी की सुरक्षा देने वाला कानून पास कर दिया है। इस कानून के तहत इन लोगों को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। फिलहाल इस कानून को तीन महीने के लिए लागू किया गया है। आने वाले समय में इसकी अवधि एक साल के लिए बढ़ाई जा सकती है।
बीच पर खेलते नजर आए बच्चे
गाजा में सीजफायर के बीच फिलिस्तीनी बच्चे बीच पर खेलते नजर आए। समुद्र किनारे छोटे बच्चे अपने माता-पिता के साथ खुश दिखे। रेत पर मां के साथ बैठी असमा ने कहा- हम फिलहाल UN शेल्टर में रह रहे हैं। हमले बंद हुए इसलिए नॉर्थ गाजा में स्थित अपने घर आए। हर जगह बस तबाही देखने को मिली। लोग दुखी हैं, इसलिए हम बीच पर आ गए। हम यहां सांस ले पा रहे हैं।

सीजफायर के बीच गाजा में लोग खुशी के पल ढूंढ रहे हैं।
गाजा के हाल हर दिन बदतर हो रहे
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कहना है कि गाजा के हाल हर दिन बदतर होते जा रहे हैं। वहां दो-चार दिन के सीजफायर नहीं बल्कि जंग खत्म करने की जरूरत है। उन्होंने कहा- पूर्ण युद्धविराम गाजा की समस्याओं का हल है। यही लोगों के हित में भी है। हमास को भी बिना किसी शर्त सभी बंदकों को आजाद कर देना चाहिए।
जिंदगी के लिए लड़ रहीं 84 साल की अल्मा अब्राहम
टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, हमास ने बंधकों के तीसरे बैच में 84 साल की अल्मा अब्राहम को आजाद किया। वो बेहद बीमार थीं। उन्हें गाजा से सीधे हेलिकॉप्टर में इजराइली अस्पताल ले जाया गया। उनकी बेटी ने कहा- मेरी मां के शरीर पर घाव हैं। उन्हें रोज दवा दी जानी चाहिए थी। हमास ने उन्हें एक दिन भी दवा नहीं दी। उनकी हालत बेदह नाजुक है। उनकी मेडिकल जरूरतों का ध्यान नहीं रखा गया। वो ये सब डिजर्व नहीं करतीं।

तस्वीर अल्मा अब्राहम की है। हमास ने इन्हें सीजफायर के तीसरे दिन यानी 26 नवंबर को आजाद किया था।
‘अल-अक्सा फ्लड’ के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’
हमास ने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को ‘अल-अक्सा फ्लड’ नाम दिया है। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’ ऑपरेशन शुरू किया। हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।
वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।






















