
फिरोजपुर के हुसैनी वाला बॉर्डर से सटे सीमावर्ती गांव के बहुत से लोग अपना कीमती सम्मान ट्रैक्टर ट्रालियों पर लादकर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरहद पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और कल रात जो हुआ उसको देखते हुए वह अपना सामान और बच्चों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रहे हैं। क्योंकि दरिया के उस पार लगभग 18 गांव हैं और उनके शहर की तरफ आने का एकमात्र पुल ही रास्ता है। जब तनाव की स्थिति पैदा हो जाती है या युद्ध छिड़ जाता है तो इस पुल से आना-जाना बंद कर दिया जाता है। उनके पास सुरक्षित जगहों पर पहुंचने के लिए नाव ही एक सहारा रहती है। इसीलिए वह लोग 1965 और 1971 की जंग को देखते हुए अपना सुरक्षित सामान अपने रिश्तेदारों तक पहुंचा रहे हैं । अपने बच्चों को वहां पर छोड़ रहे हैं क्योंकि स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई है।




























