
Haryana Election
– फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान से सटे भिवानी जिले के लोहारू की रेतीली माटी पर एक बार फिर किसान व जाट ही सियासी गर्मी बढ़ाएंगे। 2019 में जयप्रकाश दलाल ने यहां कमल खिलाया था। एक बार फिर वे इसी क्षेत्र से ताल ठोकने को तैयार हैं। कांग्रेस में भी पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के दामाद सोमबीर प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वे यहां से दो बार विधानसभा भी जा चुके हैं।
एक बार फिर दोनों पार्टियां इन्हीं के सहारे चुनावी मैदान में उतर सकती हैं। दलाल फिलहाल प्रदेश के वित्त मंत्री हैं। इससे पहले कृषि मंत्री रहते हुए कई काम भी करवा चुके हैं, लेकिन किसान आंदोलन के कारण जाट और किसान वोटरों के भाजपा के दूर जाने का असर लोकसभा चुनाव में दिखाई पड़ा है। किसानों के धरने व उनकी मांगों की सुगबुगाहट अभी भी इलाके में है।
ढाई माह पहले हुए लोकसभा चुनाव में लोहारू से कांग्रेस प्रत्याशी राव दान सिंह को करीब 8300 वोट ज्यादा मिले थे। किसानों ने कांग्रेस को लगभग एकतरफा मतदान किया था। इससे कांग्रेस के नेता उत्साहित हैं, लेकिन दलाल व भाजपा को भी पांच साल में कराए गए कामों पर भरोसा है।
हालांकि लोकसभा चुनाव के बाद किसानों को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा ने किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू की है। ऐसे में भाजपा के सामने अपनी जीत को बरकरार रखने व कांग्रेस के लिए बाजी पलटने की चुनौती है। इस इलाके में चौधरी बंसीलाल के परिवार का भी प्रभाव है। कांग्रेस यहां से सात बार अपना खाता खोल चुकी है, जबकि इनेलो ने भी तीन बार जीत दर्ज की है।



























