
संजय टंडन और मनीष तिवारी।
– फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ लोकसभा सीट के लिए 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। बुधवार को नामांकन की स्क्रूटनी में दस्तावेजों में कमी की वजह से पांच निर्दलीय और दो कवरिंग कैंडिडेट का नामांकन खारिज कर दिया गया। अब जनरल ऑब्जर्वर ने सभी उम्मीदवारों की अहम बैठक बुलाई है, जिसमें उन्हें चुनाव खातों के रखरखाव और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। अब 17 मई को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है। इसके बाद जो उम्मीदवार रह जाएंगे, उनके बीच मुकाबला होगा।
माना जा रहा है कि शहर में भाजपा के संजय टंडन और कांग्रेस के मनीष तिवारी के बीच मुख्य मुकाबला है। हालांकि उन्हें बसपा की डॉ रितु सिंह भी टक्कर दे रहीं हैं। इसके अलावा कई अन्य निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं। चंडीगढ़ संसदीय क्षेत्र के लिए चुनाव आयोग की तरफ से नियुक्त किए गए जनरल ऑब्जर्वर सरप्रीत सिंह गिल भी नामांकन की जांच के दौरान उपस्थित रहे। बताया गया है कि सभी उम्मीदवारों का एफिडेविट चुनाव आयोग की वेबसाइट और नो योर कैंडिडेट मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।
अब मैदान में यह उम्मीदवार
नाम पार्टी
मनीष तिवारी कांग्रेस
डॉ रितु सिंह बहुजन समाज पार्टी
संजय टंडन भारतीय जनता पार्टी
दीपांशु शर्मा अखिल भारतीय परिवार पार्टी
राज प्रिंस सिंह सुपर पावर इंडिया पार्टी
राजिंदर कौर सैनिक समाज पार्टी
सुनील थमन हरियाणा जन सेना पार्टी
किशोर कुमार निर्दलीय
कुलदीप राय निर्दलीय
पुष्पिंदर सिंह निर्दलीय
प्रताप सिंह राणा निर्दलीय
प्यार चंद निर्दलीय
बलजीत सिंह निर्दलीय
रनप्रीत सिंह निर्दलीय
रविकांत मुनि निर्दलीय
लखवीर सिंह निर्दलीय
विनोद कुमार निर्दलीय
विवेक शर्मा निर्दलीय
शकील मोहम्मद निर्दलीय
सुनील कुमार निर्दलीय
इन उम्मीदवारों के नामांकन हुए रद्द
जांच के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार राजेश, नवतेज सिंह, प्रेमपाल, अमित शर्मा, सतनाम सिंह, सुरेंद्र कुमार (बसपा प्रत्याशी के कवरिंग कैंडिडेट) और अजय तिवारी (कांग्रेस प्रत्याशी के कवरिंग कैंडिडेट) का नामांकन खारिज हुआ है।
साजिश के तहत एक बड़ी पार्टी के नेता ने रद्द कराया नामांकनः प्रेमपाल
निर्दलीय उम्मीदवार प्रेमपाल चौहान पिछले कई महीनों से चंडीगढ़ में सक्रिय रूप से चुनाव प्रचार कर रहे थे। उन्होंने कई इलाकों में जन सभाएं और बैठकें की थी। कई लोगों को अपने साथ जोड़ा भी लेकिन अब चुनाव लड़ने का उनका सपना टूट गया है। उनका नामांकन भी रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि वह राजनीति का शिकार हुए हैं। एक बड़ी पार्टी के नेता कई दिनों से दबाव बना रहे थे। आशंका है कि यह उन्हीं की साजिश है। उन्होंने बताया कि उनका फॉर्म एक वरिष्ठ वकील ने भरा है, वो गलती नहीं कर सकते। अब वो प्रशासन से अपने एफिडेविट की कॉपी मांगेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
आज नामांकन वापसी का आखिरी दिन, जारी किए जाएंगे चुनाव चिन्ह
जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि स्ट्रॉन्ग रूम, जहां जहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) रखी गई है, वहां की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर सकते हैं। इसके अलावा व्यय ऑब्जर्वर की उपस्थिति में वीरवार को एक बैठक रखी गई है। इसमें सभी उम्मीदवारों और उनके एजेंटों या प्रतिनिधियों को चुनाव खातों के रखरखाव और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 17 मई दोपहर तीन 3 बजे है। इसके बाद शाम चार बजे प्रतीक चिन्हों का आवंटन कर दिया जाएगा।



























