चंडीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर बबला ने अपने एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मेयर ने कहा कि सांसद मनीष तिवारी उनके पति के अच्छे दोस्त हैं, इसके बावजूद उन्हें शहर के विकास कार्यों में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। मेयर के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
मेयर ने साफ तौर पर कहा कि एक सांसद से नगर निगम को जो समर्थन मिलना चाहिए था, वह नहीं मिल सका। उन्होंने स्वीकार किया कि मनीमाजरा के पॉकेट नंबर-6 का हाउसिंग प्रोजेक्ट और 24 घंटे पानी की सप्लाई से जुड़ा महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट उनके कार्यकाल में पूरा नहीं हो पाया जिसका उन्हें अफसोस रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इन योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए।
भाजपा कार्यालय कमलम में मेयर ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां विस्तार से साझा कीं। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से वित्त एवं अनुबंध समिति का गठन किया गया। फरवरी 2025 में तीन वैधानिक समितियों के साथ नौ उप-समितियां बनाई गईं। राजस्व बढ़ाने के लिए रोज फेस्टिवल और फ्लावर शो बिना किसी अतिरिक्त खर्च के आयोजित कर निगम की आय में इजाफा किया गया। विज्ञापन नीति के तहत यूनिपोल, होर्डिंग्स और शौचालय ब्लॉकों से करोड़ों रुपये की संभावित आय सुनिश्चित की गई।
गृह मंत्रालय से 125 करोड़ अनुदान राशि दिलाई
मेयर ने बताया कि 30 जनवरी 2025 को कार्यभार संभालते समय नगर निगम की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। कर्मचारियों के वेतन और ठेकेदारों को भुगतान तक में दिक्कतें थीं। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय से 125 करोड़ रुपये की अनुदान राशि मंजूर कराकर निगम को राहत दिलाई गई। उन्होंने सड़कों की री-कारपेटिंग, जलापूर्ति और सीवरेज पाइपलाइन बदलने, डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से 95 प्रतिशत कचरा हटाने, बायोगैस प्लांट के एमओयू, मासिक पार्किंग पास योजना, ट्रीटेड वॉटर प्रोजेक्ट, नए सामुदायिक केंद्र, स्वास्थ्य शिविर और नशा-मुक्त अभियान को अपनी प्रमुख उपलब्धियां बताया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष जितेंदर पाल मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी, संजीव राणा और मीडिया प्रभारी रवि रावत भी मौजूद रहे।

























