मोदी सरकार ने देश में रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने 1.07 लाख करोड़ रुपये के एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इन्सेंटिव (ईएलआई) स्कीम को मंजूरी दे दी है। यह योजना खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर फोकस करेगी। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी और शोध को भी बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि इस योजना के दो हिस्से होंगे। पहला हिस्सा उन लोगों के लिए होगा जो पहली बार रोजगार शुरू कर रहे हैं। वहीं, दूसरा हिस्सा लगातार रोजगार देने वाली कंपनियों को समर्थन देने के लिए होगा। इसके अलावा सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये के रिसर्च डेवलेपमेंट और इनोवेशन स्कीम, राष्ट्रीय खेल नीति 2025 और परमकुडी-रामनाथपुरम नेशनल हाईवे के चार लेन बनाने के लिए 1,853 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी है।
रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना
सरकार ने मंगलवार को रोजगार सृजन, कौशल बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (Employment Linked Incentive Scheme) को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत ₹1.07 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका विशेष फोकस निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र पर रहेगा।
यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इस बारे में जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। इस योजना का उद्देश्य दो वर्षों में देश में 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित करना है। इसके साथ ही, योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए ₹3,000 प्रति माह तक की प्रोत्साहन राशि दो वर्षों तक दी जाएगी।यह प्रोत्साहन उन नियोक्ताओं को मिलेगा जो ऐसे कर्मचारियों को नियुक्त करेंगे जिनका वेतन 1 लाख रुपए प्रतिमाह तक है। निर्माण क्षेत्र के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रहेगा।
शोध और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़
सरकार ने देश में शोध, नवाचार और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए बड़े फैसले लिए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को जानकारी दी कि केंद्रीय कैबिनेट ने रिसर्च डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI) स्कीम को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत देश में शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
#WATCH | Union Minister Ashwini Vaishnaw gives details on Research Development and Innovation Scheme approved by the Union Cabinet.
He says, “…Anusandhan National Research Foundation (ANRF) was approved by the PM sometime back. ANRF held consultations and studied programs of… pic.twitter.com/sSiW0eSptY
— ANI (@ANI) July 1, 2025
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन वाली योजना को तैयार करने से पहले अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन (ANRF) ने दुनिया के कई देशों के सफल शोध मॉडलों का अध्ययन किया। इनमें अमेरिका, इजरायल, सिंगापुर और जर्मनी जैसे देशों के मॉडल शामिल हैं। इन देशों में शोध से लेकर प्रोडक्ट बनाने तक की जो मजबूत व्यवस्था है, उसी से सीख लेते हुए भारत में यह नई योजना तैयार की गई है। सरकार का मानना है कि इससे देश में न केवल शोध को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इनोवेशन के जरिए नए उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी।
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नई खेल नीति 2025 को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एक व्यापक खेलो भारत नीति, 2025 को मंजूरी दे दी है। जिसका उद्देश्य 2047 तक भारत को शीर्ष पांच खेल राष्ट्रों में से एक बनाना है।
#WATCH | Union Minister Ashwini Vaishnaw gives details on Khelo Bharat Niti 2025 approved by the Union Cabinet. The policy will replace National Sports Policy 2021. It will be aligned with National Education Policy 2020.
He says, “This is going to pave a new path for the… pic.twitter.com/tLu737ZJmJ
— ANI (@ANI) July 1, 2025
कबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों पर ध्यान केंद्रित किया है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि नई नीति इसी प्रयास का हिस्सा है। मंत्री ने कहा कि दूसरा मुख्य उद्देश्य खेलों को “जन आंदोलन” बनाना है।
तमिलनाडु में अहम सड़क परियोजना को मंजूरी
इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि तमिलनाडु के रामनाथपुरम से परमकुडी के बीच 46.7 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे को चौड़ा करने की परियोजना को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। मदुरै से परमकुडी तक पहले से ही हाईवे चार लेन का है। अब परमकुडी से रामनाथपुरम तक का हिस्सा भी चार लेन में बदला जाएगा। इसके आगे समंदर के हिस्से में जो सड़क धनुषकोडी तक जाती है, उसके लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। यह सड़क परियोजना तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी।


























