स्वतंत्रता दिवस-2026 के मद्देनजर हरियाणा पुलिस की ओर से 1 से 15 अगस्त तक चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ में अपराधियों पर बड़ा शिकंजा कसा गया। अभियान के दौरान प्रदेशभर में 4,771 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 3,915 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। इनमें गंभीर अपराधों से जुड़े 865 आरोपी भी शामिल हैं। पुलिस ने 1,406 हिस्ट्रीशीट अपडेट करने के साथ 241 नए आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली।
अभियान में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, फिरौती, स्नैचिंग, अपहरण, अवैध हथियार और संगठित अपराध से जुड़े आरोपियों को निशाना बनाया गया। जिला पुलिस, अपराध शाखा, एसटीएफ और अन्य विशेष इकाइयों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
258 प्रमुख गिरफ्तारियां, 28 इनामी अपराधी दबोचे
राज्य अपराध शाखा के पुलिस महानिरीक्षक राकेश आर्य ने बताया कि अभियान के तहत 258 प्रमुख मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 28 इनामी और वांछित अपराधी शामिल हैं। पुलिस ने एक लाख रुपये के इनामी एक, 50 हजार के एक, 25 हजार के दो, 20 हजार के एक, दो हजार के चार और पांच हजार रुपये के इनामी 19 अपराधियों को पकड़ा। कार्रवाई में एसटीएफ के अलावा कैथल, नूंह, कुरुक्षेत्र, पलवल, भिवानी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, हिसार, करनाल, सोनीपत, सिरसा, गुरुग्राम और झज्जर पुलिस की भूमिका रही।
हथियार और नशे पर भी कार्रवाई
पुलिस ने 135 देसी कट्टे, 76 पिस्टल, तीन रिवॉल्वर, दो गन, 287 कारतूस और 15 मैगजीन बरामद कीं। इसके अलावा 3.77 किलो हेरोइन, 1.11 किलो चरस/सल्फा, 294.51 ग्राम स्मैक, 204.04 ग्राम कोकीन, 173.81 किलो गांजा, 10.64 किलो अफीम, 59.77 किलो पोपी स्ट्रॉ और 92.45 किलो पोपी हस्क बरामद किया गया। 6,832 नशीली गोलियां, 2,527 कैप्सूल, 598 इंजेक्शन और अन्य मादक पदार्थ भी जब्त किए गए। अपराध में प्रयुक्त 336 वाहन भी कब्जे में लिए गए।
गंभीर अपराधों पर विशेष फोकस
आर्म्स एक्ट के 251 मामलों में 271, हत्या के प्रयास के 155 मामलों में 262, हत्या के 72 मामलों में 99, लूट के 44 मामलों में 70, स्नैचिंग के 38 मामलों में 57, फिरौती के 21 मामलों में 26, अपहरण के 23 मामलों में 33 और डकैती के 14 मामलों में 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराधियों के नेटवर्क पर स्थायी प्रहार करना है। उन्होंने कहा कि पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा, लगातार निगरानी और तकनीक आधारित पुलिसिंग के जरिए अपराधियों पर शिकंजा और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपराध, नशे, अवैध हथियार या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील की।
























