
राष्ट्रीय किशोर शिखर सम्मेलन 2024 को संबोधित करते इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।
नई दिल्ली: CBSE के विशेष कार्यक्रम ‘राष्ट्रीय किशोर शिखर सम्मेलन’ में इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने AI और इंटरनेट के सही इस्तेमाल पर जोर दिया। रजत शर्मा ने कहा कि AI और इंटरनेट बुरे नहीं हैं लेकिन इनका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा बदलाव है, और इस पर काम करने की जरूरत है। बता दें कि CBSE के इस कार्यक्रम में छात्र एवं शिक्षक भाग लेते हैं और इसमें जीवन कौशल, मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण जैसे विषयों पर चर्चा होती है।
‘AI ने हमें कई नई चुनौतियां दी हैं’
कार्यक्रम में रजत शर्मा ने कहा, ‘मैं 25 सालों से इस सम्मेलन में आता हूं और मुझे यहां आना बहुत अच्छा लगता है। आज मैं किशोरों और युवाओं से आज के जमाने की कुछ महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा करना चाहता हूं। आज के समय में इंटरनेट, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने हमें कई नई चुनौतियां दी हैं, जिनका हल निकालने की कोशिश मैं कर रहा हूं। वर्तमान में सोशल मीडिया पर ‘डीपफेक’ वीडियो चल रहे हैं, जिनमें मेरी भी वीडियो बनाकर फैलाई जा रही है। जो लोग मुझे देखते हैं और मुझ पर विश्वास करते हैं, उनका गलत फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।’
‘वीडियो फैलाने वालों को ट्रेस करना मुश्किल’
वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने कहा, ‘एक बार मैंने अमिताभ बच्चन का इंटरव्यू लिया था जब उनकी फिल्म ‘भूतनाथ’ आई थी, लेकिन AI से एक ऐसा वीडियो बना दिया गया, जिसमें वे जोड़ो के दर्द की दवाई पर चर्चा कर रहे थे। पुलिस में इस बारे में शिकायत की गई, लेकिन जब तक पुलिस एक्शन लेती है, तब तक वीडियो लाखों लोगों तक पहुंच चुका होता है। यह एक बहुत बड़ी समस्या है। मैंने इस मामले में हाई कोर्ट में केस किया, जिसके बाद कोर्ट ने ऐसे सभी वीडियो हटाने का आदेश दिया। लेकिन इस तरह के वीडियो फैलाने वालों को ट्रेस करना बहुत मुश्किल है।’
‘नाबालिग बच्चों का हो रहा इस्तेमाल’
रजत शर्मा ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस ने ऐसे 600 अकाउंट्स की पहचान की है, जिनमें नाबालिग बच्चे हथियार लेकर खुद को गैंगस्टर बता रहे हैं। इस स्थिति में हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम लोगों को जागरूक करें और उन्हें यह संदेश दें कि यह गलत है। नूह और मेवात में एक और बड़ी समस्या है, जहां नाबालिग बच्चों को धोखाधड़ी की शिक्षा दी जा रही है। इसके लिए अलग-अलग मॉड्यूल अपनाए जा रहे हैं और लोगों को डराकर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं। नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल इस कारण किया जा रहा है क्योंकि उन्हें जल्दी जमानत मिल जाती है।’
‘लालच की वजह से फंस जाते हैं लोग’
ऐसे अपराधों के बढ़ते जाने के कारणों पर बोलते हुए रजत शर्मा ने कहा, ‘यह अपराध किसलिए हो रहा है, यह समझना भी जरूरी है। ज्यादातर लोग कम समय में ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं। उन्हें नौकरी का लालच दिया जाता है, और कई लोग शादी या अच्छी नौकरी के लिए इस लालच में फंस जाते हैं। यही वजह है कि आज यह सबसे बड़ी मुसीबत बन गई है, जिसके कारण कई लोगों के बैंक खाते खाली हो गए और कुछ ने तो आत्महत्या तक कर ली।’
‘पिछले 3 सालों में तस्वीर तेजी से बदली’
रील्स को लेकर युवाओं में बढ़ते क्रेज पर उन्होंने कहा, ‘रील्स बनाने के लिए जान को खतरे में डालना गलत है। रील्स बनाने के चक्कर में जितने लोग मरते हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग उन रील्स को न देखने की वजह से मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं। AI और इंटरनेट बुरे नहीं हैं, लेकिन इनका सही इस्तेमाल कैसे करना है ,उस पर काम करने की जरूरत है। यह एक बड़ा बदलाव है, और हमें इस पर काम करने की आवश्यकता है। पिछले तीन सालों में तस्वीर बहुत बदल चुकी है। लोगों की जान जा रही है, इससे उन्हें बचाने की जरूरत है।’
‘हमें जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है’
डिजिटल अरेस्ट के मुद्दे पर बोलते हुए रजत शर्मा ने कहा, ‘डिजिटल अरेस्ट कुछ नहीं है, लेकिन लोग धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं क्योंकि उन्हें पुलिस या थाने का डर दिखाकर पैसे वसूले जाते हैं। हमें जागरूकता फैलाने की जरूरत है ताकि लोग सचेत रहें। हम नहीं चाहते कि हमें ऑस्ट्रेलिया जैसा कानून बनाना पड़े। ऐसी स्थिति न आ जाए कि देश मे सरकार को कानून बनाना पड़े। ऐसी पाबंदी ठीक नहीं होगी। हम सभी को जाकरूक करें तो मेरा आज यहां आना सफल होगा।’
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