
पाकिस्तान में भारी बारिश ने भीषण तबाही मचाई है।
पेशावर/इस्लामाबाद: पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पिछले 36 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अधिकारियों के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 214 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुआ है, जहां बाढ़ और भूस्खलन ने दर्जनों इमारतों को नष्ट कर दिया और प्रमुख सड़कों, जैसे कराकोरम हाईवे और बाल्टिस्तान हाईवे, को अवरुद्ध कर दिया।
खैबर पख्तूनख्वा में सबसे ज्यादा नुकसान
खैबर पख्तूनख्वा में बारिश से आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 198 लोगों की मौत हुई, जिनमें 14 महिलाएं और 12 बच्चे शामिल हैं। कई लोग अभी भी लापता हैं। सबसे ज्यादा 92 मौतें बुनर जिले में हुईं, जबकि मंसहरा, बाजौर, बताग्राम, लोअर दीर और शांगला जैसे जिले भी प्रभावित हुए हैं। PDMA ने चेतावनी दी है कि 21 अगस्त तक बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रह सकता है। प्रवक्ता ने बताया कि मरने वालों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं।

पाकिस्तान में बारिश और बाढ़ ने 36 घंटों में सैंकड़ों जानें ली हैं।
बचाव कार्य में लगा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त
दो हेलीकॉप्टरों को बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया था, लेकिन मोहमंद आदिवासी जिले में खराब मौसम के कारण एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 2 चालक दल के सदस्यों और 3 राहत कर्मियों की मौत हो गई। प्रांत के सभी अस्पतालों में फ्लड कंट्रोल रूम स्थापित करने और दवाइयों व चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
PoK में बाढ़ और भूस्खलन की मार
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के गिलगित-बाल्टिस्तान में भी बाढ़ ने कहर बरपाया। बाढ़ ने दर्जनों घर, कई वाहन, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों को नष्ट कर दिया। कराकोरम हाईवे और बाल्टिस्तान हाईवे कई जगहों पर अवरुद्ध हो गए। नीलम घाटी में भी हालात गंभीर हैं। वहां पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रत्ती गली झील के पास कैंप कर रहे 600 से ज्यादा पर्यटकों को सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण वहीं रुकने की सलाह दी गई है। लावट नाला और जग्रान नाला में बाढ़ ने दो पुल बहा दिए, जबकि कुंदल शाही में एक और पुल नष्ट हो गया। PoK के अन्य इलाकों में भी भारी तबाही हुई है।
मॉनसून की शुरुआत से अब तक भारी नुकसान
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अनुसार, जून के अंत से शुरू हुए मॉनसून सीजन ने पूरे पाकिस्तान, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और उत्तरी इलाकों में भारी तबाही मचाई है। गुरुवार तक मरने वालों की संख्या 325 को पार कर चुकी थी, जिनमें 142 बच्चे शामिल हैं। बाढ़, भूस्खलन और विस्थापन ने खासकर कमजोर जल निकासी और घनी आबादी वाले इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित इलाकों में दिन-रात काम कर रही हैं। हालांकि, खराब मौसम और सड़कों के अवरुद्ध होने से राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।
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