इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध के दौरान अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने इजरायल से कहा है कि वो ये सुनिश्चित करें कि उनकी सेना गाजा में नरसंहार नहीं करें और वहां मानवीय स्थिति में सुधारवादी कदम उठाएं.
अब इस फैसले पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाना जारी रखेगा.
इससे पहले कोर्ट में सुनवाई के दौरान दक्षिण अफ्रीका ने कहा कि गाजा में इजरायल की कार्रवाई से जेनोसाइड कन्वेंशन का उल्लंघन हुआ है. दक्षिण अफ्रीका ने कहा कि सात अक्टूबर को हमास के इजरायल पर हमले के बाद से इजरायल ने गाजा पर कहर बरपा रखा है. हालांकि, इजरायल ने नरसंहार के आरोपों को खारिज किया है और कोर्ट से इन आरोपों को रद्द करने को कहा है.
बता दें कि दक्षिण अफ्रीका ने इजरायल पर गाजापट्टी में नरसंहार (Genocide) का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत का रुख किया था. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने फैसले में कोर्ट ने ये आदेश दिया है. दरअसल दक्षिण अफ्रीका ने अदालत से अनुरोध किया था कि वह जल्द से जल्द इस्राइली सैन्य अभियानों को रोकने का आदेश दे.
कैसे शुरू हुई इजरायल और हमास जंग?
इजरायल और हमास के बीच पिछले साल 7 अक्टूबर से जंग जारी है. हमास ने इजरायल पर पांच हजार से ज्यादा रॉकेट दागे थे. इसके बाद इजरायल ने जंग का ऐलान कर दिया था. इजरायल और हमास में जारी जंग में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. हमास का दावा है कि इजरायली हमलों में 25 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. जबकि, हमास के कब्जे में अब भी सैकड़ों इजरायली नागरिक बंधक हैं.



























