लुधियाना ग्रामीण स्थित सुधार पत्ती धालीवाल गांव में वीरवार सुबह गायक और लेखक बलजीत सिंह का लहूलुहान शव उनके घर में बेड पर मिला। बलजीत सिंह पिछले चार-पांच दिन से लापता थे। शव सड़ रहा था। घर में खून के निशान मिलने से पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
बलजीत सिंह अपने घर में अकेले रहते थे। परिजनों को उनकी कोई जानकारी नहीं थी। वीरवार सुबह जब घर जाकर देखा गया तो उनका शव मिला। शव कई दिन पुराना होने के कारण सड़ने लगा था। बताया गया कि उनका खून कमरे और घर के अंदर कई जगह फैलकर सूख चुका था।
परिजनों ने बलजीत को नशा बेचने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की मांग की है। उन्होंने नशा तस्कर की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार न करने की बात कही है। जानकारी के अनुसार, बलजीत चिट्टे के नशे के आदी हो गए थे, जिससे उनका कॅरिअर प्रभावित हुआ था। उन पर पंजाब के गैंगस्टरों का महिमामंडन करने वाले गीत लिखने के आरोप भी लगे थे।
पुलिस जांच में जुटी, टीमें गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला लुधियाना ग्रामीण के एसएसपी अंकुर गुप्ता ने संज्ञान लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं। थाना सुधार के प्रभारी कुलविंदर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक विभाग, डॉग स्क्वाड और सीआईए की टीमें भी घटनास्थल पर भेजी गई हैं। पुलिस घर और आसपास के इलाके से साक्ष्य जुटा रही है और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है।
नशे की लत और संदिग्ध मौत
परिजनों के अनुसार, बलजीत को चार-पांच दिन पहले एक बदनाम नशा तस्कर के अड्डे के पास देखा गया था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला था। बलजीत की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे वारदात कब और कैसे हुई और कौन उनके घर तक पहुंचा। क्या उनकी मौत का संबंध नशे के कारोबार से है, यह भी जांच का विषय है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इन सवालों के जवाब स्पष्ट होंगे।





















