पंजाब के बठिंडा में चिट्टा युवाओं के लिए काल बन रहा है। बीते 10 दिन में बठिंडा जिले में नशे के ओवरडोज से चार युवकों की मौत हो चुकी है। दो मामलों में परिजनों ने पुलिस को सूचित किए बिना ही युवकों का अंतिम संस्कार कर दिया, जबकि दो मामलों में पुलिस ने मरने वाले युवकों को नशा पहुंचाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ताजा मामला बीती 12 अगस्त को गांव सिधाणा में चिट्टे के ओवरडोज से एक युवक की मौत हो गई थी।
पुलिस के अनुसार गांव सिधाणा निवासी मनजीत सिंह ने बताया कि दो दिन पहले 12 अगस्त को गांव सिधाणा निवासी लक्की उसके घर आया और उसके 30 वर्षीय बेटे संदीप सिंह को अपने साथ ले गया। पीड़ित ने बताया कि कुछ देर बाद जब उसका बेटा संदीप सिंह घर पहुंचा, तो वह बेसुध हो गया। आरोप है कि लक्की ने उसके बेटे संदीप सिंह को चिट्टे का इंजेक्शन लगाया, जिसके चलते संदीप सिंह की मौत हो गई। थाना फूल की पुलिस ने इस मामले में लक्की के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि पंजाब सरकार और पुलिस ने नशे के खिलाफ युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चला रही है, लेकिन नशे के ओवरडोज से युवाओं की लगातार हो रही मौतें इस मुहिम पर सवालिया निशान लगा रही हैं। पंजाब पुलिस भले ही नशे के खिलाफ जंग के बाद नशे की सप्लाई लाइन टूटने का दावा कर रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि चिट्टा अब भी गांवों में सरेआम बिक रहा है। जिले में 10 दिनों में नशे की ओवरडोज से चार युवाओं की मौत इस बात का सबूत है कि गांवों में अब भी नशे की सप्लाई हो रही है।



























