
टैगोर के मिनी ऑडिटोरियम में टीएफटी फेस्टिवल के दौरान तेजस्विनी शर्मा भजनों की प्रस्तुति दी। तेजस्विनी शर्मा जिसकी उम्र 37 साल है, उनकी कहानी बड़ी दिलचस्प है। जन्म के बाद 5 साल तक वेंटिलेटर रहीं, जिसके कारण दिमाग का एक हिस्सा विकसित नहीं हो पाया। 5 साल में डॉक्टर ने जवाब दे दिया था बाद में घर पर मां ने नोट किया कि बच्ची संगीत की धुन की ओर आकर्षित होती है। 10 साल की उम्र में वह बोल नहीं पाई, लेकिन अचानक एक दिन गाड़ी में सफर करते हुए कैसेट के उलझने पर लता मंगेशकर का गाना पूरा करते हुए बोला याद करो कुर्बानी। वहीं से एक आशा की किरण मां को दिखाई थी, जो बच्ची ठीक से बोल भी नहीं पाती थी लेकिन हजार के लगभग कि उसको कंठस्थ याद है वह राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुकी हैं। एक बार प्रतिभा पाटिल के टाइम पर राष्ट्रपति भवन में भी भजन कर चुकी हैं। राम मंदिर बनने पर भी तेजस्विनी ने वहां अपनी भजन संध्या की थी।






















