मॉस्को/ वॉशिंगटन डीसी4 मिनट पहले
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वीडियो- AI जेनरेटेड
अमेरिका ने बुधवार को वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले 2 टैंकरों को पकड़ लिया। बीबीसी के मुताबिक इसमें से एक रूस का जहाज मैरिनेरा है, जबकि दूसरे का नाम सोफिया है। सोफिया पनामा देश का जहाज माना जा रहा है।
ये दोनों जहाज कुछ घंटे के अंतराल पर पकड़े गए। अमेरिका ने रूसी झंडे वाला तेल टैंकर मैरिनेरा को उत्तरी अटलांटिक में जब्त किया, जबकि दूसरा जहाज कैरिबियन सी में पकड़ा गया। अमेरिकी सैनिक दो हफ्तों से इस जहाज का पीछा कर रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक यह जहाज वेनेजुएला से तेल लेने जा रहा था, ताकि उसे चीन या दूसरे देशों को पहुंचाया जा सके। रूस ने अपने जहाज की सुरक्षा के लिए सबमरीन और अन्य नौसैनिक जहाज भेजे थे, लेकिन वे इसे बचाने में सफल नहीं हुए।

रूसी जहाज मैरिनेरा की निगरानी करते हुए यूएस कोस्ट गार्ड के अफसर। फोटो- US European Command
सोफिया जहाज के पकड़े जाने का वीडियो…
पिछले महीने जहाज ने नाम बदला था
अमेरिका ने जिस रूसी जहाज को पकड़ा है, पहले इसका नाम बेला-1 था। अमेरिका ने इसे प्रतिबंधित जहाजों की लिस्ट में डाल दिया था। दिसंबर 2025 में यह वेनेजुएला की ओर जा रहा था, लेकिन अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे रोकने की कोशिश की।
उस समय जहाज के क्रू मेंबर की होशियारी से यह जहाज बच गया था। इसके बाद इस जहाज का नाम बदलकर ‘मैरिनेरा’ कर दिया गया था। इसके बाद इस पर रूसी झंडा लगाकर इसे देश की ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन लिस्ट में शामिल कर दिया गया।
इसके बाद यह जहाज वेनेजुएला की ओर जा रहा था, लेकिन अमेरिकी ब्लॉक के डर से उसने रास्ता बदलकर अटलांटिक की ओर मोड़ लिया था। लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देश इस जहाज की निगरानी कर रहे थे।
हवाई और समुद्री निगरानी के जरिए इसके हर कदम पर नजर रखी गई। अमेरिकी जहाज USCGC मुनरो ने इसका पीछा करते हुए इसे पकड़ा।
जब अमेरिकी बलों ने इसे उत्तरी अटलांटिक में बोर्ड किया, तब उसके पास रूस का एक सबमरीन और अन्य नौसैनिक जहाज मौजूद थे।
हालांकि, कोई सीधा टकराव नहीं हुआ। रूस ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन रूसी मीडिया ने जहाज के पास हेलिकॉप्टर की तस्वीरें जारी की हैं।
जहाज के पकड़े जाने का वीडियो…
अमेरिका बोला- अवैध गतिविधियों में जहाज शामिल था यूएस सदर्न कमांड ने इसे लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें कहा गया है कि आज सुबह अमेरिकी वॉर डिपार्टमेंट ने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के साथ मिलकर, एक स्टेटलेस (किसी देश का नहीं) और प्रतिबंधित तेल टैंकर M/T सोफिया को बिना किसी संघर्ष के पकड़ लिया।
यह जहाज कैरिबियन सी में इंटरनेशनल वाटर में काम कर रहा था और अवैध गतिविधियों में शामिल था। अब अमेरिकी कोस्ट गार्ड इसे अमेरिका ले जा रही है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
अमेरिकी सेना ‘ऑपरेशन सदर्न स्पियर’ के तहत वह पश्चिमी गोलार्ध में अवैध गतिविधियों को रोकने के मिशन पर है। इसका मकसद अमेरिका की सुरक्षा बनाए रखना और पूरे अमेरिका महाद्वीप में स्थिरता और शक्ति लौटाना है।
अमेरिका प्रतिबंधों की वजह से तेल नहीं खरीद पा रहे देश
दरअसल, दिसंबर 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए ‘शैडो फ्लीट’ पर ब्लॉकेड लगाया था। ताकि वे अमेरिका की शर्तें मानें और तेल उद्योग में अमेरिकी कंपनियों को जगह दें।
वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंध की वजह से कई टैंकर सीधे तेल नहीं ले जा पा रहे थे। इसलिए वेनेजुएला और उसके ग्राहक (जैसे चीन) ‘शैडो फ्लीट’ का इस्तेमाल कर रहे थे।
‘शैडो फ्लीट’ का मतलब है ऐसे जहाज जो अपने असली स्थान और पहचान को छिपाकर तेल ले जाते हैं। ये टैंकर अपने ट्रांस्पॉन्डर बंद कर देते हैं या झंडा बदल देते हैं ताकि अमेरिका या दूसरे देश उन्हें ट्रैक न कर सकें। इसे ‘डार्क मोड’ भी कहा जाता है।
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