तेल अवीवकुछ ही क्षण पहले
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तस्वीर इजराइल के डेविड बेनगुरिअन एयरपोर्ट की है, राष्ट्रपति बाइडेन को इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रिसीव किया है।
इजराइल-हमास जंग के 13वें दिन अमेरिका के राष्ट्रपति इजराइल पहुंचे हैं। उन्होंने जंग के मुद्दे पर नेतन्याहू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा- मैं खुद यहां आकर ये दिखाना चाहता था कि हम इजराइल के साथ हैं। हमास ने बेरहमी से इजराइल के लोगों का कत्ल किया है। वो ISIS से भी बदतर हैं। इजराइल को अपनी रक्षा करने का पूरा हक है। इसमें अमेरिका हर तरह से उनका साथ देगा। हम अपना वादा निभा रहे हैं।
वहीं, नेतन्याहू ने इजराइल पहुंचने के लिए बाइडेन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा- हमास ने एक दिन में 1400 से ज्यादा इजराइलियों की हत्या की। अभी इजराइल के लिए यही अच्छी बात है कि उनका सबसे सच्चा दोस्त अमेरिका उनके साथ खड़ा है।
इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तेल अवीव के बेनगुरिअन एयरपोर्ट पर बाइडेन को रिसीव किया। बाइडेन ने नेतन्याहू को देखते ही गले लगाया। इस दौरान इजराइल के राष्ट्रपति इससाक हर्जोग भी वहां मौजूद रहे।

नेतन्याहू से मुलाकात के बाद बाइडेन ने कहा कि हम इजराइल को सुरक्षित रखने का वादा निभा रहे हैं।
बाइडेन बोले- अस्पताल पर अटैक किसी और का काम
बाइडेन ने इजराइल के साथ एकजुटता मैसेज उस वक्त दिया है, जब इजराइल पर एक अस्पताल पर हमले करने का आरोप लगा है। इसमें 500 लोगों की मौत हो गई। प्रेस ने बाइडेन से गाजा सिटी में अस्पताल पर हमले के बारे में भी सवाल किए। इसके जवाब में उन्होंने कहा- जितनी मुझे जानकारी है, ये काम इजराइल नहीं किसी और का है। हालांकि, कई लोग हैं जो इसे लेकर कंफर्म नहीं हैं।
वहीं, बाइडेन का एयरफोर्स वन विमान जैसे ही एयरपोर्ट पर उतरा तभी इजराइल बॉर्डर के किसुफिम इलाके में अटैक के सायरन बजे। हालांकि, ये इलाका तेल अवीव से काफी दूर है। बाइडेन का इजराइल दौरा उस दिन हो रहा है, जब जंग के बीच गाजा में एक अस्पताल पर हुए हमले में 500 लोगों की मौत हो गई।

गाजा सिटी में अस्पताल पर हमले में अपनों को खोने के बाद रोती हुई महिला।
बाइडेन के दौरे से पहले गाजा सिटी के अस्पताल पर धमाके

इजराइल में बाइडेन के लिए राजनीतिक चुनौती
इजराइली फौज हमास के खिलाफ जमीनी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर चुकी है और उसे सरकार से हरी झंडी का इंतजार है। इजराइल चाहता है कि अमेरिका हमास के खिलाफ ऑपरेशन में उसकी राजनीतिक और आर्थिक तौर पर मदद करे।
यह 2 तरह से हो सकती हैं:
1. इजराइल ने अमेरिका से 10 बिलियन डॉलर की मिलिट्री सहायता मांगी है। इसके लिए नेतन्याहू बाइडेन को मनाने की पूरी कोशिश करेंगे।
2. गाजा में जमीनी कार्रवाई का समर्थन। 7 अक्टूबर को हुए हमास के हमले के बाद इजराइल लगातार गाजा पर बम बरसा रहा है। इसमें 3 हजार से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है। हमास के 6 मिलिट्री कमांडर भी मारे गए हैं।
चीन, मिस्र के अलावा कई मुस्लिम देशों का कहना है कि अब इजराइल सेल्फ डिफेंस से परे जाकर गाजा पर कार्रवाई कर रहा है। उसे अब रुक जाना चाहिए। इस बीच इजराइल अमेरिका से चाहता है कि वह गाजा पर कार्रवाई के बाद उसका साथ दे और दूसरे पश्चिमी देशों को भी उनका साथ देने के लिए मनाए।
बाइडेन की मुश्किल
बाइडेन के दौरे की वजह से गाजा में इजराइली फौज के ऑपरेशन में देरी हो सकती है। बाइडेन का कहना है कि गाजा पर कब्जा इजराइल की बड़ी गलती होगी। बाइडेन के कहा कि हमास का खात्मा जरूरी है, लेकिन गाजा पर कब्जा इजराइल की बड़ी गलती होगी।
उन्होंने कहा- हमास ने बर्बरता की है। इस संगठन का खात्मा जरूरी है, लेकिन फिलिस्तीन लोगों के लिए भी देश होना चाहिए, अलग सरकार होनी चाहिए।
पहले भी वॉर एरिया में जाते रहे हैं US प्रेसिडेंट्स
- 2022: बाइडेन कीव पहुंचे। दुनिया के लिए ये हैरान करने वाला मामला रहा। हालांकि इससे पहले भी अमेरिका के कुछ पूर्व राष्ट्रपति इस तरह की सरप्राइज विजिट करते रहे हैं।
- 2003 : तब के प्रेसिडेंट जॉर्ज बुश क्रिसमस वीक में इराक पहुंच गए थे। बुश को उनके सिक्योरिटी यूनिट ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। इसके बावजूद वो यहां पहुंचे।
- 2010 : तब के यूएस प्रेसिडेंट बराक ओबामा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंच गए थे। यहां उन्होंने अमेरिकी ट्रूप्स से मुलाकात की थी और उन्हें तोहफे दिए थे।


























