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मुंबईकुछ ही क्षण पहले
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शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे से उनके घर पर मुलाकात की।
नए साल पर मुंबई में शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के चीफ राज ठाकरे के शिवाजी पार्क स्थित घर पहुंचे।
दोनों भाइयों ने 24 दिसंबर को शिवसेना(UBT) और MNS के बीच गठबंधन का ऐलान किया था। राज ठाकरे ने कहा था कि मुंबई को इस साल मराठी मेयर मिलेगा।
इससे पहले दोनों ने बालासाहेब ठाकरे की स्मृति स्थल पर एक साथ श्रद्धांजलि दी थी। जनवरी 2026 से दोनों मिलकर रैलियां करेंगे।

20 साल बाद हुआ है दोनों की पार्टियों में गठबंधन
उद्धव और राज ठाकरे ने 24 दिसंबर को बृहन मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव एक साथ लड़ने का ऐलान किया। 20 साल बाद दोनों की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) और मनसे में चुनावी गठबंधन हुआ है।
इससे पहले 2005 में राज ठाकरे ने शिवसेना से अलग होकर मनसे पार्टी बनाई थी। दोनों ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारी सोच एक है अगर बंटेंगे तो बिखरेंगे। महाराष्ट्र के लिए हम सब एक हैं। पूरी खबर पढ़ें…

उद्धव-राज के एकसाथ चुनाव लड़ने के मायने क्या हैं, 4 पॉइंट में समझें…
- मराठी वोटों का एकीकरण: अब तक शिवसेना (उद्धव गुट) और MNS (राज ठाकरे) के अलग-अलग रहने से मराठी वोट बंटते थे। अब मराठी वोट एकसाथ आ जाएगा। इसका सीधा असर BJP और कांग्रेस-NCP गठबंधन पर पड़ेगा
- BJP के लिए चुनौती: BJP ने मुंबई में शहरी, गुजराती और उत्तर भारतीय वोटों में पकड़ बनाई है। ठाकरे भाइयों का साथ आना BJP के लिए सीधी सियासी चुनौती बन सकता है। खासकर मध्य मुंबई और मराठी बहुल इलाकों में।
- शिंदे गुट पर दबाव: एकनाथ शिंदे गुट खुद को ‘असली शिवसेना’ बताता है। ठाकरे भाइयों की एकजुटता से शिंदे गुट की वैधता पर सवाल उठेगा और कैडर में असमंजस पैदा हो सकता है।
- BMC पर नियंत्रण की लड़ाई: BMC देश की सबसे अमीर नगर निगम है। लंबे समय तक शिवसेना का दबदबा रहा।साथ आने से उद्धव ठाकरे की खोई हुई राजनीतिक जमीन मजबूत हो सकती है।
BMC चुनाव क्यों है साख का सवाल
- BMC चुनाव सिर्फ नगर निगम का नहीं, बल्कि मुंबई की सत्ता हासिल करने की लड़ाई है। इसलिए यह महायुति और महाविकास अघाड़ी के लिए साख का सवाल है।
- 74,000 करोड़ रुपए के बजट वाली एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी BMC पर बिना बंटे शिवसेना ने (1997-2017) तक राज किया था। तब BJP उसकी सहयोगी थी।
- मुंबई नगर निगम का बजट गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के बजट से भी बड़ा है।
- यही कारण है कि भाजपा, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, कांग्रेस, शरद पवार और अजीत पवार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 29 दिसंबर को पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनाव के लिए अपनी नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) और NCP (शरदचंद्र पवार) गुट के बीच गठबंधन की घोषणा की थी। अजित पवार पिंपरी-चिंचवाड़ में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा- नगर निगम चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची तय करते समय दोनों गुटों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पूरी खबर पढ़ें…



























