रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति में संक्रमण के हल्के लक्षण हैं और एहतियातन वह सेल्फ-आइसोलेशन में हैं। संक्रमण की पुष्टि का बाद उनके आगामी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या कोरोना फिर से बढ़ रहा है? क्या वायरस का कोई नया वैरिएंट सामने आया है? आइए इस बारे में समझते हैं।
राष्ट्रपति के चिकित्सक डॉ. केविन ओ’कॉनर ने स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए बताया, बुधवार (17 जुलाई) को दोपहर में उनमें श्वसन संबंधी लक्षण दिखाई दिए। उन्हें सामान्य अस्वस्थता के साथ बहती नाक और खांसी की समस्या थी। बाइडन में फिलहाल कोरोना के हल्के लक्षण हैं। उनकी श्वसन दर सामान्य है, तापमान 97.8 है और पल्स ऑक्सीमीटर रिपोर्ट 97% पर सामान्य है।
राष्ट्रपति को पैक्सलोविड की खुराक दी गई है, ये कोविड-19 में डॉक्टर की सलाह पर दी जाने वाली ओरल एंटीवायरल गोली है।
गौरतलब है कि अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम सहित कई देशों में पिछले कुछ महीनों से कोरोना के मामले धीमी रफ्तार से ही सही, लेकिन बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जाता रहा है कि गर्मियों की शुरुआत ने कोविड-19 के फिर से उभरने की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
कोविड-19 रोग का कारण बनने वाला कोरोनावायरस लगातार उत्परिवर्तित हो रहा है। यूएस रिपोर्ट्स में FLiRT नामक वैरिएंट के एक समूह को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर LB.1 वैरिएंट के भी मामले सामने आए थे जिसमें FLiRT की तुलना में एक अतिरिक्त उत्परिवर्तन देखा गया था।
कोरोना के नए वैरिएंट्स के कारण बढ़ते खतरे को देखते हुए यू.एस. रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने सिफारिश की है कि 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को सुरक्षात्मक तौर पर एक और वैक्सीन लगवानी चाहिए। सामने आ रहे नए वैरिएंट्स की प्रकृति पुराने वैक्सीन फॉर्मूले को चकमा देने वाली देखी जा रही है।
इससे पहले सीडीसी ने फरवरी में कोविड-19 के अपडेट किए गए दिशा-निर्देश जारी करते हुए 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों से आग्रह किया था कि अपने आखिरी टीके के चार महीने बाद एक बूस्टर डोज जरूर ले लें।
द न्यूयार्क टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट में सीडीसी ने बताया, अधिकांश अमेरिकियों ने बार-बार संक्रमण या वैक्सीनेशन, या फिर दोनों से कोरोनावायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा हासिल कर ली है। हालांकि अध्ययनों में देखा गया है कि टीके केवल कुछ महीनों तक ही प्रभावी रहते हैं और समय के साथ इनकी प्रभाविकता कम हो जाती है। इस जोखिम को कम करने के लिए सभी लोगों को अपडेटेड कोविड शॉट्स लेने की जरूरत है। सीडीसी की निदेशक डॉ. मैंडी कोहेन ने वैज्ञानिकों की सर्वसम्मत सलाह को स्वीकार करते हुए टीकाकरण के एक और डोज की सिफारिश की थी।
विशेषज्ञ कहते हैं, नोवावैक्स द्वारा अपडेट किया गया टीका JN.1 को लक्षित करने में बेहतर पाया गया है, जो पिछले कई महीनों तक सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला वैरिएंट रहा है। फाइजर और मॉडर्ना द्वारा अपडेट की गई वैक्सीन वायरस के KP.2 स्ट्रेन को लक्षित करने में बेहतर पाई गई है।
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नोट: यह लेख मेडिकल/मीडिया रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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