बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या 55 हो चुकी है। वीरवार को फाजिल्का और मानसा जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। पठानकोट में लापता हुए लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चला है। आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने यह जानकारी दी। पानी भले ही उतरने लगा है लेकिन बाढ़ का कहर जारी है। बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 2214 हो गई है जबकि प्रभावित व्यक्तियों की संख्या 3,88,508 तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। सीएम आवास पहुंचने के साथ ही मान ने बाढ़ पीड़ितों के बचाव, राहत एवं पुनर्वास के लिए शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुला ली है। इसमें मुआवजा, चिकित्सकीय सुविधाएं व वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। सीएम मान ने बुधवार को छोटे किसानों का कर्जा माफ करने के भी संकेत दिए थे, जिस पर बैठक में सभी विभागों से रिपोर्ट मांग सकते हैं। बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के डिप्टी कमिश्नर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे, जबकि सचिव और मुख्य सचिव मुख्यमंत्री के निवास पर व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा ने पूरे प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। हालांकि प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित आबादी के बचाव, राहत और पुनर्वास के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। इन नाजुक परिस्थितियों के दौरान राहत प्रदान करने के लिए कई कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। पूरे प्रदेश के सभी विभागों को तालमेल से काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संकट के इस समय में प्रभावित लोगों तक अधिक से अधिक मदद पहुंचाई जा सके।

























