लुधियाना शहर की प्रमुख बस्ती जोधेवाल मार्केट में एक दुकान में बुधवार को बम मिला था। पुलिस ने इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) मामले को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सोनू और मोहम्मद आमिर के तौर पर हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब देखकर बम बनाना सीखा था। आरोपियों ने पेट्रोल, पोटास, बैटरी, घड़ी और अन्य सामान खरीदा था। पूरी प्लानिंग के दौरान सोनू और मोहम्मद आमिर ने मिलकर मोहम्मद आमिर के घर आईईडी तैयार भी कर लिया और उसे लिफाफे में डाल कर अपनी सोची जगह पर भी रख लिया। आरोपियों की एक गलती कई लोगों की जान ले सकती थी, लेकिन आरोपियों से तार गलत जुड़ गई और धमाका नहीं हो सका। तार गलत जुड़ने के साथ आरोपियों द्वारा रखी गई टाइमर घड़ी भी सही नहीं चल पाई।
पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि आरोपी सोनू का अपने चाचा के साथ विवाद था और वह चाचा को उड़ाने की साजिश रच रहा था। इसलिए वह अपने चाचा अजय कुमार की दुकान में बम को रखा था। उसने यह भी नहीं सोचा कि वह जिस दुकान को आग लगाने या फिर धमाका करने की सोच रहा है उस दुकान में उसके चाचा बैठते है और उनकी जान भी जा सकती है। आरोपी ने बिना सोचे समझे किसी तरह मोहम्मद आमिर से संपर्क किया और बम बनाने की बात की। यू ट्यूब के जरिए आरोपियों ने वीडियो देखी और बम बनाने की तैयारी शुरू कर दी। बम बनाने के बाद उसे दुकान पर रख दिया था, लेकिन आरोपी तार भी गलत जोड़ बैठे और घड़ी भी कुछ समय बाद रुक गई। जिस कारण बम ब्लास्ट नहीं हुआ।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
लिफाफे में आईईडी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा खुद थाना दरेसी पहुंचे और बम स्क्वायड दस्ते से सारी जानकारी हासिल की और आगे की प्लानिंग की। इसके बाद पुलिस ने इस मामले को हल करने के लिए कई टीमें तैयार की जो रातभर एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक करती रही। पुलिस ने अजय की दुकान से लेकर आगे तक के सभी सीसीटीवी कैमरे चेक किए। कैमरे में आरोपी मोहम्मद आमिर नजर आया। फुटेज की मदद से पुलिस आरोपी के घर तक पहुंच गई। मोहम्मद आमिर की पत्नी घर पर थी। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। जिससे पूछताछ के बाद मोहम्मद आमिर का पता चला और उसे काबू कर लिया गया। जब मोहम्मद आमिर से पूछताछ की गई तो उसने सोनू का नाम लिया और पूरी कहानी पुलिस के सामने आई। पुलिस अब जांच करने में जुटी है कि आरोपियों ने सामान कहां से और कैसे खरीद किया। आरोपियों के साथ कोई ओर तो इस मामले में शामिल है या नहीं।























