{“_id”:”6862ec4c27c5a059160838d6″,”slug”:”there-was-uproar-over-changing-the-minutes-former-mayor-did-not-get-the-partys-support-chandigarh-news-c-16-pkl1091-751060-2025-07-01″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Chandigarh News: मिनट्स बदलने पर हंगामा, पूर्व मेयर को नहीं मिला पार्टी का समर्थन”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

चंडीगढ़। सदन की शुरूआत में ही डिप्टी मेयर तरुणा मेहता और आप की पार्षद प्रेमलता मिनट्स बदलने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पिछले सदन में तय हुआ था कि हॉर्टीकल्चर वेस्ट प्रोसेसिंग का काम पीएसयू (पब्लिक सेंटर अंडर टेकिंग) कंपनी को काम दिया जाए। उसके बाद मिनट़्स में बदलाव कर पहले से काम कर रही निजी कंपनी को लाभ देने की कोशिश की गई।
इस दौरान दोनों पार्षदों के अलावा कांग्रेस के गुरुप्रीत गाबी, सचिन गालव और कई लोगों ने कहा कि यह गलत है। पार्षदों ने सदन के अंदर हाथ उठाकर पब्लिक सेंटर अंडर टेकिंग कंपनी को ही काम देने का बात कही। जिसपर नगर आयुक्त ने भी समर्थन दिया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का आरोप था कि इसमें बड़ा खेल करने की कोशिश की गई।
हालांकि जब यह बहस हो रही थी तो पूर्व मेयर और भाजपा पार्षद अनूप गुप्ता सदन में नहीं थी। सदन में आने के बाद इससे जुड़ा एक प्रस्ताव आया। जिसको लेकर नगर आयुक्त और बाकी पार्षदों का कहना था कि अब इसपर बहस नहीं हो सकती है। यह पहले ही खारिज कर दिया गया और पुराने सदन में पास एजेंडे को माना जाएगा। हालांकि अनुप गुप्ता ने अपनी बात रखी। उनका कहना था कि किस आधार पर पीएसयू कंपनी को काम दिया। इसको लेकर पहले तो नगर आयुक्त, उसके बाद चीफ इंजीनियर के साथ उनकी बहस हुई। इस दौरान तरुणा मेहता और प्रेमलता ने कहा कि जब इसको लेकर बात रखने की क्या जरूरत है। हालांकि अनूप गुप्ता वोटिंग कराने की बात कर रहे थे। लेकिन उसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि इसमें जो भी समर्थन और विरोध में है वह हाथ उठाए। लेकिन सदन के दौरान बस कंवरजीत राणा का उनको समर्थन मिला। बाकी उनके पार्टी के लोग शांत रहे। जबकि सदन की शुरूआत में ज्यादातर भाजपा पार्षदों ने पीएसयू कंपनी को काम देने का समर्थन किया।
साल 2022 से 518 बार सामुदायिक केंद्र फ्री करने की सिफारिश
सामुदायिक केंद्रों की फ्री बुकिंग को लेकर भी रिपोर्ट रखी गई। इसमें बताया गया कि 1 जनवरी 2024 से 31 मई 2025 तक कुल 518 मुफ्त बुकिंग की सिफारिश की गई है। इसमें 17 महीने में हर महीने करीब 30 बार फ्री बुकिंग हुई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कुछ आवेदनों पर दो या दो से अधिक पार्षदों के हस्ताक्षर हैं। वहीं गुरबक्श रावत ऐसे पार्षद है, जिनकी एक भी फ्री बुकिंग नहीं है। हालांकि वह ज्यादातर समय शहर से बाहर रहती है। सबसे ज्यादा वाले में पार्षद नेहा 47, कुलदीप कुमार 46, सुमन देवी 38, राम चंदर यादव 35, मेयर हरप्रीत कौर बबला 28, रजिंदर कुमार 25 के साथ ज्यादा सिफारिश करने वाले पार्षद रहे।
























