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हरप्रीत कौर बबला का आरोप – लोकतांत्रिक व्यवस्था की खुली अवहेलना की गई
सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता, पार्षद सचिन गालव और प्रेमलता पर कार्रवाई की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। मेयर हरप्रीत कौर बबला और विपक्ष के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है। पिछली हाउस की बैठक में एजेंडे की काॅपी फाड़ने पर मेयर ने चंड़ीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखा है। इसमें आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के चार पार्षदों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसमें इसमें कांग्रेस से आने वाले सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता, पार्षद सचिन गालव और आम आदमी पार्टी की पार्षद प्रेमलता पर कार्रवाई की मांग की गई है।
मेयर ने अपने पत्र में उस घटना को लोकतांत्रिक व्यवस्था की खुली अवहेलना बताया है। उनका कहना है कि हाउस की गरिमा को तार-तार करने वाले ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसी वजह से चारों पार्षदों को निलंबित करते हुए उनको मार्शल के सहारे बाहर किया गया था। मेयर का आरोप है कि पार्षदों का यह व्यवधान जानबूझकर और पूर्व नियोजित था जिससे विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।
चेयर और संस्था का सीधा अपमान है
सदन में हंगामा बढ़ा तो पार्षदों ने हाउस की आधिकारिक मिनट्स की कॉपियां फाड़कर मेयर की डाइस, निगम अधिकारियों और हाउस के बीच में फेंक दीं। मेयर ने इसे चेयर और संस्था के प्रति सीधा अपमान बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें न केवल जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी के खिलाफ हैं बल्कि यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी खुला उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि पार्षदों और मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की हुई जिससे हाउस में अफरा-तफरी मच गई।
सीनियर डिप्टी मेयर ने समांतर बैठक शुरू कर दी
मेयर ने अपने पत्र में सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी पर आरोप लगाया कि उन्होंने हाउस स्थगित होने के बाद वेल में खड़े होकर खुद को मेयर घोषित करते हुए समानांतर बैठक शुरू कर दी। मेयर ने इसे संस्था की गरिमा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मजाक बताया। इस घटना ने न केवल नगर निगम की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया बल्कि शहरवासियों का भरोसा भी कमजोर किया है। उन्होंने प्रशासक से आग्रह किया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और दोषी पार्षदों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में कोई भी प्रतिनिधि इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे। मेयर ने कहा कि सदन में गुंडागर्दी जैसी हरकतें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।




















