केंद्रीय पर्यवेक्षक पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रताप सिंह बाजवा और अजय माकन रहेंगे मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने 18 अक्तूबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है। चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में होने वाली इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी के बीच विधायक दल का नेता चुना जाएगा। एक धड़ा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को दोबारा से नेता प्रतिपक्ष बनाने को लेकर अड़ा है, जबकि कुमारी सैलजा और सुरजेवाला धड़ा नए चेहरे को नेता बनाने के लिए दबाव बना रहे हैं। पिछले पांच वर्षों से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही विधायक दल के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे।
केंद्रीय पर्यवेक्षकों में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और वरिष्ठ नेता अजय माकन को शामिल किया गया है। विधायक दल की बैठक में भी ये तीनों नेता मौजूद रहेंगे। इनकी मौजूदगी में ही सीएलपी का चुनाव होगा। हालांकि, बैठक में विधायकों की राय भी ली जाएगी।
सीएलपी लीडर के लिए तीन नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व स्पीकर अशोक अरोड़ा, पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल व पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन बिश्नोई शामिल हैं। अरोड़ा और भुक्कल हुड्डा के नजदीक हैं और बिश्नोई को सैलजा का समर्थक माना जाता है। संभावना है कि कांग्रेस गैर-जाट कार्ड खेलते हुए इस बार अरोड़ा पर दांव लगा सकती है। अरोड़ा के पास लंबा राजनीतिक अनुभव है।
प्रदेशाध्यक्ष बदलने को लेकर भी बढ़ रहा दबाव
हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया पहले ही इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं। कांग्रेस हाईकमान पर अब प्रदेशाध्यक्ष उदयभान को बदलने का दबाव भी बढ़ रहा है। उन पर आरोप लग रहा है कि वे एक गुट विशेष के बन रहे। वे न तो संगठन बना पाए और न ही दूसरे नेताओं को साथ ला पाए। कुमारी सैलजा और सुरजेवाला दोनों उनको बदलने की मांग कर रहे हैं। नए प्रधान के लिए एक बार फिर कुमारी सैलजा का नाम चर्चा में है।

























