चंडीगढ़। चंडीगढ़ के फ्यूचर रोडमैप को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रशासन ने तेजी बढ़ा दी है। मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने प्रशासन के सभी प्रमुख विभागों से विस्तृत एक्शन प्लान मांगा है। एस्टेट ऑफिस, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड, स्वास्थ्य, परिवहन सहित अन्य विभागों को दो अलग-अलग ड्राफ्ट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। पहला ड्राफ्ट उन योजनाओं का होगा, जो 100 दिनों के भीतर पूरी की जा सकती हैं, जबकि दूसरा ड्राफ्ट 100 दिन से अधिक समय में पूरी होने वाली परियोजनाओं से जुड़ा होगा।
मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद कई विभागों ने अपना एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। सभी विभागों के इनपुट को मिलाकर कंसॉलिडेटेड ड्राफ्ट अगले सप्ताह होने वाली बैठक में मुख्य सचिव के समक्ष रखा जाएगा। कुछ विभागों के सुझाव अभी शामिल किए जाने बाकी हैं, जिसके लिए सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों से फीडबैक मांगा गया है। जिन बिंदुओं को ड्राफ्ट में जगह नहीं मिली है, उन्हें अलग से भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आईटी विभाग, सिटको, चुनाव शाखा और कृषि विपणन बोर्ड से जुड़े शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म एक्शन पॉइंट्स में जरूरत के अनुसार संशोधन किया जा सकता है।
कृषि, आईटी और सिटको पर खास फोकस
प्रशासन ने कृषि बोर्ड, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और सिटको से जुड़ी योजनाओं की अलग कार्ययोजना तैयार की है। कृषि बोर्ड के तहत सेक्टर-39 मंडी की दुकानों के टेंडर जल्द निपटाने और लंबित एनओसी व वैधानिक स्वीकृतियों को तय समय में मंजूरी देने के निर्देश दिए गए हैं। आईटी विभाग के लिए चंडीगढ़ डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण और पब्लिक ग्रेवांस पोर्टल को समयबद्ध तरीके से शुरू करने पर जोर दिया गया है। वहीं सिटको की संपत्तियों को पीपीपी मोड पर चलाने, यूनिट-वार वित्तीय विश्लेषण करने और ऑफ-सीजन में होटलों की ऑक्यूपेंसी बढ़ाने की रणनीति बनाने का प्रस्ताव है। साथ ही आईओसीएल के सहयोग से पेट्रोल पंप शुरू करने की योजना भी शामिल है। प्रशासन का मानना है कि इससे कार्यप्रणाली सुधरेगी और राजस्व के साथ-साथ नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।