कालका। कालका के टगरा गांव, पपलोहा, बाढ़ गोदाम, रड़ू, खेड़ावाली, लेही समेत लगभग दो दर्जन से अधिक गांव को कालका से जोड़ने वाले पुल की हालत खराब है जिसकी प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। पुल पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं जहां से खासकर दो पहिया वाहन चालकों और राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर अब बरसात में पुल पर पानी खड़ा हो जाता है जिसके चलते पुल क्रॉस करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। अधिकारियों का कहना है कि बरसात के बाद पुल की मरम्मत का काम किया जाएगा लेकिन देखने वाली बात है कि बरसात से पहले अगर यह कार्य करवा दिया जाता तो लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़ता।
हादसे का बना रहता है डर
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के काफी लोग बद्दी, बरोटीवाला व नालागढ़ उद्योगों में नौकरी करने वाले इसी पुल से होकर गांव चरनियां से होकर जाते हैं। इसके अलावा इस पुल के ऊपर से भारी वाहनों की आवाजाही भी रहती है। पुल की हालत खराब होने के कारण हादसे का डर बना रहता है।
पुल की अनदेखी, जनता के साथ भेदभाव
कालका मील मोड़ से टगरा की ओर जाने वाले पुल से आए दिन क्षेत्र के काफी लोग गुजरते हैं। प्रशासनिक व अन्य कार्यों के लिए ग्रामीण इसी रास्ते से जाते हैं, परंतु सरकार द्वारा इतने महत्वपूर्ण पुल की अनदेखी, जनता के साथ भेदभाव व जान जोखिम में डालने के समान है। बारिश के मौसम में पुल पर पानी खड़ा हुआ है जिससे पुल धंसने का भी डर बना रहता है। यदि सरकार की विकास करने की नीयत हो तो इस पुल की मरम्मत भी करवाई जा सकती है परंतु सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।- विजय बंसल एडवोकेट, अध्यक्ष शिवालिक विकास मंच।