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पंजाब में रविवार को बीते दो सालों की अपेक्षा ज्यादा पराली जली और 740 नए मामले सामने आए हैं। साल 2021 में 19 नवंबर को पराली जलाने के 448 व 2022 में 426 मामले सामने आए थे। इस सीजन में कुल मामलों की संख्या 34459 हो गई है। उधर, पंजाब के प्रमुख शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में सुधार नहीं हुआ है। रविवार को भी हवा खराब श्रेणी में ही रही।
पंजाब में रविवार को पराली जलाने के सबसे अधिक 127 मामले मोगा जिले से सामने आए। वहीं, 151 मामले फाजिल्का, 100 फिरोजपुर, 68 फरीदकोट, 55 बठिंडा, 46 बरानाला, 57 मुक्तसर, 28 संगरूर, 12 पटियाला और 15 जालंधर से सामने आए हैं। साल 2021 में इस समय तक पराली जलाने के कुल 70428 और साल 2022 में 48915 मामले सामने आए थे। रविवार को बठिंडा का सबसे अधिक 296 एक्यूआई दर्ज किया गया। वहीं, लुधियाना का 237, मंडी गोबिंदगढ़ का 247, पटियाला का 229, अमृतसर का 212, जालंधर का 200 और खन्ना का एक्यूआई 174 दर्ज किया गया।
एक ही दिन में 81 और किसानों पर पर्चे
शनिवार तक सरकार ने पराली जलाने वाले 559 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया था। वहीं रविवार को यह संख्या बढ़कर 640 पहुंच गई है। एक ही दिन में 81 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए। इसके अलावा 591 किसानों के लैंड रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई। शनिवार तक यह संख्या 531 थी।

























