कोलकाता49 मिनट पहले
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वीडियो बंगाल चुनाव आयुक्त के x पर शेयर किया गया है, जिसमें SIR के तहत BLO दृष्टिहीन व्यक्ति का फॉर्म भरता दिख रहा है।
बिहार के बाद 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू वोटर लिस्ट का रिवीजन SIR को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासत गरमा गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दावा किया है कि 27 अक्टूबर को SIR शुरू होने के बाद से अब तक 15 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं।
TMC ने कहा कि SIR के डर से कुछ ने आत्महत्या की, तो कुछ की मौत हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक से हुई। हालांकि भाजपा ने इसे ‘राजनीतिक प्रचार’ करार देते हुए आरोपों से इनकार किया है। कहा- TMC जनता को गुमराह कर रही है।
पश्चिम बंगाल में विरोध के बावजूद बूथ लेवल अधिकारियों ने अब तब 3.04 करोड़ से ज्यादा SIR फॉर्म बांट दिए हैं। इधर, सुप्रीम कोर्ट 11 नवंबर से वोटर लिस्ट की SIR प्रक्रिया पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है।

बंगाल में SIR की वजह से मौत के मामले…
साउथ 24 परगना के जॉयपुर के सफीकुल (35) का शव 5 नवंबर को फंदे से मिला। पत्नी ने आत्महत्या का कारण SIR बताया, पर साले अलआमीन मोल्ला ने कहा कि ‘मौत पारिवारिक कारणों से हुई, SIR से नहीं।’ झाड़ग्राम के डोमन महतो (58) की मौत को भी SIR से जोड़ा गया, उनकी बेटी ने कहा कि ‘पिता की मौत ब्रेन स्ट्रोक से हुई, इससे SIR का कोई संबंध नहीं।’
हालांकि, पानीहाटी में 57 वर्षीय प्रदीप कर की आत्महत्या के मामले में पुलिस को सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था- मेरी मौत का जिम्मेदार एनआरसी है। राजनीतिक विश्लेषक विश्वनाथ चक्रवर्ती का कहना है कि ‘निर्वाचन आयोग की जागरूकता की कमी और तृणमूल की राजनीतिक रणनीति, दोनों ने SIR को विवाद का विषय बना दिया है।’
महिला बीएलओ की मौत, पति ने कहा- SIR जिम्मेदार
पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में SIR में लगी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) नमिता हांसदा (50) की स्ट्रोक से मौत हो गई। उनके पति माधव ने दावा किया कि यह मौत कार्यदबाव और तनाव के कारण हुई। आईसीडीएस कार्यकर्ता नमिता मेमारी सीट के बूथ नंबर 278 में SIR कार्य में जुटी थीं और समयसीमा को लेकर बेहद चिंतित थीं। शनिवार रात उन्हें अचानक स्ट्रोक आया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। वहीं बीएलओ ऐक्य मंच ने सीईओ मनोज अग्रवाल को पत्र लिखकर मृतका के परिवार को 50 लाख का मुआवजा देने की मांग की।
तृणमूल ने पीड़ितों के मदद के लिए लीगल टीम बनाई
तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने SIR के आतंक की वजह से मरने वालों के परिजनों की मदद के लिए हेल्प डेस्क और लीगल सेल बनाई। पांच लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता भी भेजी। मृतकों के परिजनों की सहायता के लिए विशेष कमेटी बनाई है। इसके तहत सांसद और मंत्री परिजनों से मुलाकात कर मदद का आश्वासन दे रहे हैं।

कोलकाता में ट्रेनिंग के दौरान मौजूद BLO
12 राज्यों में SIR होगा, इनमें करीब 51 करोड़ वोटर्स
अंडमान निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल में SIR शुरू हो गया है। इन 12 राज्यों में करीब 51 करोड़ वोटर्स हैं। इस काम में 5.33 लाख बीएलओ (BLO) और 7 लाख से ज्यादा बीएलए (BLA) राजनीतिक दलों की ओर से लगाए जाएंगे।
SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR (सामान्य शब्दों में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन) फॉर्म स्वीकार करने के दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि जब तक बंगाल का हर व्यक्ति फॉर्म नहीं भरता, तब तक वह ऐसा नहीं करेंगी। पूरी खबर पढ़ें…










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