चंडीगढ़। सेक्टर-26 मंडी के दुकानदारों को बड़ा झटका लगा है। मंडी को सेक्टर-39 में शिफ्ट करने पर दुकानदारों को जो शॉप-कम-ऑफिस (एससीओ) दिए जाएंगे, अब वह लीज होल्ड होंगे। पहले प्रशासन ने फ्री होल्ड पर देने की योजना बनाई थी। आरक्षित मूल्य तय कर दिए थे लेकिन हाल ही में केंद्र सरकार ने किसी भी व्यावसायिक संपत्ति की फ्री होल्ड पर नीलामी करने पर रोक लगा दी है। प्रशासन के इस फैसले से अब मंडी को शिफ्ट करने का काम फिर अटक गया है।
ग्रेन, फल व सब्जी मंडी को सेक्टर-39 में शिफ्ट करने का मामला वर्ष 2002 से लंबित पड़ा है। प्रशासन के अधिकारी मंडी शिफ्टिंग को लेकर फैसला नहीं ले पा रहे हैं। पिछले साल प्रक्रिया में तेजी आई और यूटी ने 92 फ्री होल्ड प्लॉट की नीलामी करने की योजना बनाई। प्रत्येक का क्षेत्रफल 120 वर्ग गज था। आरक्षित मूल्य लगभग 3.75 करोड़ तय कर लिया गया लेकिन हाल ही में केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन को आदेश दिए हैं कि किसी भी व्यावसायिक संपत्ति की फ्री होल्ड पर नीलामी नहीं की जाएगी। ऐसे में प्रशासन को अब पूरी प्रक्रिया को बदलना होगा और अब सेक्टर-39 मंडी में दुकानें लीज होल्ड ही बेची जाएंगी। इसकी वजह से माना जा रहा है कि मंडी को शिफ्ट करने में अब फिर देरी होगी। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र के निर्देशों के बाद अब नए सिरे से सभी मंजूरियां ली जाएंगी। इसके लिए काम शुरू किया जा रहा है। सेक्टर 39 सब्जी और फल मंडी की योजना गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा चंडीगढ़ प्रशासन पर फ्रीहोल्ड संपत्तियां देने पर लगाए गए प्रतिबंधों से प्रभावित होने वाली पहली योजना है। बता दें कि सेक्टर 26 मंडी में करीब 160 लाइसेंसधारियों में से 30 अनाज और बाकी फल और सब्जियों का कारोबार करते हैं।
सेक्टर-26 में चल रही मंडी की हालत खस्ता
वर्तमान में मंडी सेक्टर-26 में चल रही है। इनकी हालत काफी खस्ता है। जगह की कमी है, सड़कें टूटी हैं और पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है। हर तरफ गंदगी के ढेर हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। सितंबर 2015 में सेक्टर-39 में नई मंडी का शिलान्यास किया गया था और मंडी को शुरू करने के लिए फरवरी 2016 का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन आज तक मंडी शिफ्ट नहीं हो पाई। बता दें कि सेक्टर-39 स्थित नई सब्जी मंडी के निर्माण कार्य को लेकर साल 2017 में हाई कोर्ट ने यूटी प्रशासन को फटकार भी लगाई थी।























