
अमृतपाल के करीबी साथी बसंत सिंह के माता के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचा मोगा।
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नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में अमृतपाल के साथ बंद मोगा के गांव दौलतपुरा उच्चा के रहने वाले बसंत सिंह को मंगलवार को जेल से बाहर लाया गया। बसंत सिंह को भारी सुरक्षा के बीच डिब्रूगढ़ जेल से उसके गांव दौलतपुरा लाया गया। बसंत सिंह अपनी माता कुलवंत कौर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आया था।
बसंत सिंह की माता कुलवंत कौर 3 दिन पहले देहांत हो गया था। परिवार ने बसंत सिंह को उनकी माता के अंतिम संस्कार में लाने के लिए अपील की थी, जिसके चलते मंगलवार को असम की डिब्रूगढ़ जेल से भारी सुरक्षा के साथ बसंत सिंह को मोगा उनके घर पर लाया गया।
बसंत सिंह अमृतपाल के करीबी साथी थे। मंगलवार को उनके गांव दौलतपुरा उच्चा में उनकी माता कुलवंत कौर का अंतिम संस्कार किया गया। कुलवंत कौर पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। मंगलवार को पूरी पुलिस फोर्स तैनात करके बसंत सिंह को उनकी माता के अंतिम दर्शन करवाने के लिए लाया गया। अंतिम संस्कार में कई सिख जत्थेबंदियों के आगू के साथ-साथ अमृतपाल के पिता और फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा की पत्नी भी पहुंची थी।
माता के अंतिम संस्कार के बाद बसंत सिंह को पुलिस मोगा सीआईए स्टाफ में लेकर गई जहां पर उन्हें 7 दिन के लिए रखा जाएगा। बसंत सिंह को 7 दिन का पैरोल मिला है, 7 दिन बाद फिर असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया जाएगा।






























