
किसान आंदोलन।
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पंजाब के किसानों को जत्था फतेहगढ़ साहिब के साधुगढ़ पहुंच चुका है। किसान आज रात यहीं बिताएंगे। वहीं शाम को चंडीगढ़ में तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ अहम बैठक है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर का कहना है कि अगर बैठक में सरकार ने हमारी मांगों को मान लिया तो इसके बाद 200 किसान संगठनों के साथ मीटिंग करेंगे। सभी से बात करने के बाद ही आंदोलन पर फैसला लेंगे। सरवन सिंह पंधेर किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव हैं।
पंधेर ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू होनी चाहिए। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी भी किसानों को मिले। गन्ने की फसल पर C2-100 तक सरकार करे। उन्होंने किसान और मजदूरों का कर्ज खत्म करने की मांग भी उठाई।
लखीमपुर खीरी का इंसाफ मिले
सरवन सिंह पंधेर ने लखीमपुर खीरी हिंसा में इंसाफ की मांग की। उन्होंने कहा कि अभी एक महीना रह गया है। मोदी जी चाहे तो किसानों का दिल जीत सकते हैं। अगर वे केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी को मंत्रिमंडल से निकालते हैं तो लोगों के हृदय ठंडे हो जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने चंडीगढ़ समेत अन्य स्थानों पर किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने, बिजली संशोधन विधेयक और प्रदूषण कानून से खेती को बाहर करने की मांग की है।
किसानों की अन्य मांगें
- 200 दिन मनरेगा की दिहाड़ी मिले
- 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग
- फसल बीमा सरकार खुद करे
- किसान और मजदूर को 60 साल होने पर 10 हजार रुपये महीना मिले
- विश्व व्यापार संगठन से खेती को बाहर किया जाए





























