हलोपा के रानियां से उम्मीदवार घोषित किए जाने से बढ़ी तल्खी
मनोहर लाल और नायब सिंह सैनी रणजीत चौटाला को मनाने में जुटे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा सरकार में बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला भाजपा में अनदेखी के चलते नाराज हैं। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने बागी तेवर अपना लिए हैं। चौटाला ने साफ कर दिया है कि वह रानियां विधानसभा क्षेत्र से ही चुनाव लड़ेंगे, भाजपा अपना देख ले। बिजली मंत्री का कहना है कि वह भाजपा में ही रहकर चुनाव लड़ना चाहते हैं, पहले वह भाजपा का इंतजार करेंगे और अगर पार्टी से सकारात्मक संदेश नहीं आता है तो इसके बाद फैसला लेंगे।
भाजपा ने लोकसभा चुनाव रणजीत सिंह को हिसार सीट से टिकट दिया था। पूर्व डिप्टी पीएम और हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे चौ. देवीलाल के बेटे रणजीत सिंह चौटाला को भाजपा ने विधानसभा चुनावों को लेकर बनाई गई अलग-अलग कमेटियों में भी जगह नहीं दी है। वहीं, पूर्व सीएम चौ. भजनलाल और बंसीलाल के राजनीतिक वारिसों को पूरा मान-सम्मान इन कमेटियों में मिला है। इसी के चलते रणजीत चौटाला की नाराजगी है। उनका तर्क है कि वह चौधरी देवीलाल के पुत्र हैं और प्रदेश की हर विधानसभा में उनके समर्थक हैं।
इससे भी बड़ी नाराजगी हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) से उनके निर्वाचन क्षेत्र रानियां से उम्मीदवार घोषित किए जाने से हैं। हलोपा के सिरसा से विधायक गोपाल कांडा ने अपने भतीजे और छोटे भाई गोबिंद कांडा के बेटे धवल कांडा को रानियां से प्रत्याशी घोषित किया है। रणजीत के बागी तेवरों के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल उनको मनाने में जुटे हैं। संभावना है कि रणजीत चौटाला कांग्रेस में जा सकते हैं, क्योंकि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ उनके अच्छे संबंध हैं।
2019 में गोबिंद कांडा को हरा चुके हैं रणजीत
2019 में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर रणजीत निर्दलीय चुनाव लड़े थे और हलोपा के गोबिंद कांडा को 19 हजार 431 मतों से शिकस्त देकर विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे थे। वर्तमान में गोबिंद कांडा भी भाजपा में हैं और ऐलनाबाद का उपचुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ चुके हैं।बहरहाल, रणजीत ने रानियां हलके में ही डेरा डाला हुआ है। वे समर्थकों के साथ बैठक कर रहे हैं और उन्होंने गांवों में प्रचार भी शुरू कर दिया है। हलोपा के मुखिया गोपाल कांडा सिरसा से विधायक हैं और भाजपा को समर्थन दे रखा है। हलोपा एनडीए का भी हिस्सा है। हरियाणा में भी भाजपा और हलोपा के बीच गठबंधन में चुनाव लड़ने की चर्चा चली है। हालांकि, अभी तक गठबंधन को लेकर अधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई है।




























