चंडीगढ़। संगठित अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को नागरिकों के लिए एक समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-330-1100 की शुरुआत की। इसके माध्यम से नागरिक डराने-धमकाने, जबरन वसूली और गैंगस्टरों से संबंधित गतिविधियों सहित संगठित अपराधों की गुप्त रिपोर्टिंग कर सकेंगे।
हेल्पलाइन पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने शुरू की है। डीजीपी ने शुरुआत के दौरान 1800-330-1100 पर एक ट्रायल कॉल की और इस नई प्रणाली को समझने के लिए प्रतिनिधि से बातचीत की। डीजीपी ने अपने वीडियो संदेश में नागरिकों को भरोसा दिलाया कि इस हेल्पलाइन पर प्राप्त सभी सूचनाओं की उच्च स्तरीय गोपनीयता बरकरार रखी जाएगी। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे यह नंबर सेव कर लें और बिना किसी डर या झिझक के ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करके सुरक्षित प्रदेश बनाने के मिशन में पंजाब पुलिस का सहयोग दें।
डीजीपी ने कहा कि यह हेल्पलाइन नागरिकों द्वारा पुलिस की सहायता करने का एक शक्तिशाली साधन है। इस हेल्पलाइन पर प्राप्त रिपोर्टों पर तुरंत और समन्वित कार्रवाई की जाएगी। इस हेल्पलाइन की निगरानी एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (एडीजीपी) एजीटीएफ प्रमोद बान द्वारा की जाएगी, ताकि प्रत्येक सूचना पर प्रभावी ढंग से तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
हेल्पलाइन के सुचारू संचालन के लिए 112 हेल्पलाइन के स्थापित बुनियादी ढांचे का उपयोग किया जा रहा है, हालांकि इस नंबर पर आने वाली कॉल एजीटीएफ के विशेष अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से मामलों का निपटारा करने और जरूरत पड़ने पर संबंधित जिलों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए स्वतंत्र रूप से सुनी जाएंगी।




























