
Punjab Lok Sabha Election
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लोकसभा चुनाव समाप्त होते ही बुरी तरह से शिकस्त का संताप झेल रहे शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल के लिए मुसीबतें खड़ी होनी शुरू हो गई हैं। पिछले दो दिन में पार्टी के दो कद्दावर नेताओं ने पार्टी की गतिविधियों से किनारा करने का फैसला लेकर एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है।
चुनाव के दौरान ही पूर्व मंत्री आदेश प्रताप कैरों को पार्टी ने निकाल दिया। कैरों सुखबीर बादल के जीजा हैं और पंजाब के पूर्व सीएम के पौत्र हैं। चुनाव के बुरे नतीजे आते ही मनप्रीत सिंह अयाली ने आवाज बुलंद करते हुए कहा कि पार्टी को किसानों का विश्वास हासिल करने के लिए बड़े फैसले लेने की जरूरत है।
अयाली ने झूंदा कमेटी की रिपोर्ट लागू होने तक पार्टी गतिविधियों से दूर रहने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल पंथ और पंजाब का सिरमौर संगठन है जिसका इतिहास बहुत सम्मानजनक रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी नेताओं की ओर से लिए गए फैसलों के कारण अकाली दल में बड़ी वैचारिक गिरावट आई है।
इस वजह से 2017 के विधानसभा चुनाव से लेकर मौजूदा लोकसभा चुनाव तक ज्यादातर सीटों पर प्रत्याशियों को जमानत जब्त होने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। राज्य में 10 साल तक लगातार शासन करने के बाद भी पार्टी लोगों की भावनाओं के विपरीत गलत फैसले लेती रही और राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी पार्टी की ओर से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में खड़े होकर गलत फैसला लिया गया।




























