संगरूर के सूलरघराट के पास कार के पेड़ से टकराने और उसमें आग लगने से दो महिलाओं की मौत का मामला अब एक रूह कंपा देने वाली साजिश के रूप में सामने आया है। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह कोई ‘हादसा’ नहीं, बल्कि जायदाद के लालच में किया गया क्रूर दोहरा हत्याकांड था।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक कोहरे के कारण कार के पेड़ से टकराने और उसमें आग लगने की बात कही जा रही थी, जिसमें पंजाब पुलिस की सीआईडी शाखा में तैनात महिला मुलाजिम सरबजीत कौर और उनकी माता की जिंदा जलकर मौत हो गई। लेकिन पुलिस की गहन जांच ने पूरी कहानी पलट कर रख दी।
भाई ही निकला कातिल, जायदाद बनी विवाद की जड़
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, एसपी (डी) दविंदर अत्री और डीएसपी डॉ. रूपिंदर कौर ने संयुक्त रूप से इस मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि हत्या का मुख्य आरोपी सरबजीत कौर का सगा भाई गुरप्रीत सिंह है, जो खुद भी पंजाब पुलिस में मुलाजिम है। पारिवारिक जायदाद को लेकर घर में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी ने पहले अपनी बहन और मां की हत्या की, फिर लाशों को गाड़ी में रखकर सुनसान जगह पर ले गया।




























