
दलजीत सिंह चीमा।
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के सीनियर नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से आग्रह किया है कि वह सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर सत्तारूढ़ पार्टी के सभी विधायकों के लिए एक प्रशिक्षण सत्र की व्यवस्था कराएं।
गुरुवार को ‘एक्स’ पर चीमा ने लिखा- ‘एसवाईएल नहर के महत्वपूर्ण मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल के सभी विधायकों की चुप्पी को ध्यान में रखते हुए मैं पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां से अपील करता हूं कि वे इस प्रतिष्ठित मुद्दे पर उन सभी के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र की व्यवस्था करें। इसके साथ ही पंजाब से राज्यसभा के सभी सांसदों को इस प्रशिक्षण सत्र में शामिल किया जाना चाहिए।’
चीमा ने एसवाईएल के मुद्दे पर खुले तौर पर हरियाणा का पक्ष लेने के लिए आप के राज्यसभा सांसद संदीप पाठक पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि यह देखा गया है कि संदीप पाठक जैसे पंजाब के कुछ राज्यसभा सदस्य खुले तौर पर हरियाणा के पक्ष में हैं और अन्य ने अब तक पंजाब के पक्ष में एक शब्द भी नहीं बोला है। यह एक गलत संकेत भेज रहा है और पंजाब के मामले को और कमजोर कर रहा है। यह समस्या 1966 में पंजाब से अलग होकर हरियाणा के गठन के बाद 1981 के विवादास्पद जल-बंटवारे समझौते से उत्पन्न हुई है।
पानी के प्रभावी आवंटन के लिए एसवाईएल नहर का निर्माण किया जाना था और दोनों राज्यों को अपने क्षेत्रों के भीतर अपने हिस्से का निर्माण करना था। चीमा ने कहा कि हालांकि पंजाब सरकार दावा कर रही है कि नया खोला गया एसवाईएल सर्वेक्षण पोर्टल एसवाईएल मुद्दे पर अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए है लेकिन यह सच नहीं है। हर कोई जानता है कि इसे केवल एसवाईएल नहर के सर्वेक्षण को पूरा करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए खोला गया है। उन्होंने कहा कि लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों और राज्यसभा सांसदों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र निश्चित रूप से उन्हें शिक्षित करने और पंजाब के पक्ष में जनमत बनाने में मदद करेगा।

























