चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के एक विभाग में महिला कर्मचारी के यौन शोषण का मामला सामने आया है। आरोप है कि लंच के समय महिलाकर्मी लैब में काम कर रही थी, इसी बीच सुपरिंटेंडेंट ने पीछे से आकर उसे अनुचित तरीके से पकड़ने की कोशिश की। लैब में घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरा नहीं था इसलिए फुटेज कैमरे में कैद नहीं हो पाई है। मामला अगस्त माह का है।
पीड़ित महिला कर्मचारी ने पीयू की आंतरिक शिकायत कमेटी को अपनी शिकायत दी है। इस पर कार्रवाई करते हुए पीयू प्रबंधन ने आरोपी सुपरिंटेंडेंट का तबादला मुक्तसर (पंजाब) कर दिया। उधर, शिकायतकर्ता ने शिकायत देने के बाद विभाग से सहयोग न मिलने की बात कही कहते हुए इस्तीफा दे दिया है। शिकायतकर्ता के पति पीयू में ही कार्यरत हैं। आरोप है कि विभाग मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा।
शिकायतकर्ता के पति ने बताया कि घटना के समय लैब में कोई और मौजूद नहीं था और न ही वहां सीसीटीवी कैमरा लगा है। कॉरिडोर में कैमरा है लेकिन लैब में नहीं। शिकायत करने पर विभाग से सकारात्मक सहयोग नहीं दिया। इस माह के अंत में अनुबंध पर कार्यरत शिकायतकर्ता का कार्यकाल पूरा होने वाला था लेकिन इससे पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया। आरोपी ने जांच कमेटी को लिखित जवाब देते हुए कहा है कि वह वह गिर पड़ा था, जिससे उसका हाथ महिला के शरीर पर चला गया। हालांकि व्यक्तिगत रूप से आरोपी का बयान दर्ज होना बाकी है।
आंतरिक शिकायत कमेटी की अध्यक्ष प्रो. मधुरिमा ने आरोपी के तबादले के सवाल पर कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं। उन्हें अखबार से ही इसके बारे में पता चला। सुपरिंटेंडेंट पर लगे आरोप पर भी उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया और कहा कि वह सिर्फ कमेटी के समक्ष अपनी बात रखेंगी। रजिस्ट्रार प्रो. वाईपी वर्मा से भी संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।






























