पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव को लेकर चल रहे धरने के बाद वीरवार को नोटिफिकेशन जारी हो गया। हालांकि इसके बाद भी तीन मांगों को लेकर धरना समाप्त नहीं हुआ है। पीयू बचाओ मोर्चा के सदस्य रमन, संदीप, अवतार सिंह, अर्चित गर्ग, जोबनप्रीत ने कहा कि अभी उनकी कई मांगें लंबित हैं। इनमें पिछले सीनेट चुनाव विरोध के दौरान दर्ज 14 छात्रों पर लगे एफआईआर रद्द करना, विश्वविद्यालय की लागू की गई नई एसओपी (एसओपी) को वापस लेना और हरियाणा कॉलेजों की पुन: संबद्धता पर विचार करने के लिए बनाई गई समिति को भंग करना शामिल है।
मोर्चा सदस्यों ने कहा कि उनकी पीयू प्रशासन से इन मांगों पर सहमति बनी है। इन मांगों पर शुक्रवार दोपहर तक लिखित मंजूरी आने की उम्मीद है। इसलिए शुक्रवार दोपहर को लिखित मांगें माने जाने के बाद ही उनका धरना समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वह हार नहीं मानेंगे।
वीसी ने उपराष्ट्रपति एवं चांसलर का चुनाव मंजूरी के लिए जताया आभार
वहीं, पीयू वीसी प्रो. रेणु विग ने उपराष्ट्रपति और पीयू के चांसलर का सीनेट चुनावों को मंजूरी देने के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विश्वविद्यालय में एक सकारात्मक और स्वस्थ शैक्षणिक माहौल बनाए रखने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पीयू का प्रशासन हमेशा विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ खड़ा है और विश्वविद्यालय परिवार के हित में हर कदम उठाया जाएगा। सीनेट चुनावों की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी होगी।
आखिरीकार संघर्ष रंग लाया- सीए मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की तरफ से पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट चुनावों को मंजूरी देना पूरे पंजाब की एक शानदार जीत है। यह संस्था सिर्फ एक यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि पंजाब की विरासत है। यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी, शिक्षक, फैकल्टी सदस्य और हर वह पंजाबी बधाई का पात्र हैं, जिन्होंने भारी दबाव के बावजूद भी अपनी हिम्मत टूटने नहीं दी। संघर्ष जारी रखा, और आखिरकार संघर्ष रंग लाया।
ਉਪ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਮਾਣਯੋਗ C.P. Radhakrishnan ਜੀ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੀ ਸੈਨੇਟ ਚੋਣਾਂ ਦੀ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਸਮੁੱਚੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਜਿੱਤ ਹੈ। ਇਹ ਸੰਸਥਾ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਵਿਰਾਸਤ ਹੈ।
ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀ, ਅਧਿਆਪਕ, ਫੈਕਲਟੀ ਮੈਂਬਰ ਅਤੇ ਹਰ ਉਹ ਪੰਜਾਬੀ ਵਧਾਈ ਦਾ ਪਾਤਰ ਹੈ, ਜਿਸ ਨੇ ਬੇਹੱਦ…
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) November 28, 2025

























