माले40 मिनट पहले
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ब्दुल्लाह बिन मोहम्मद इब्राहिम मालदीव में सलफी जमीयत के नेता भी हैं।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साले और सलफी जमीयत के नेता अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद इब्राहिम ने पीएम नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहा और उन पर बाबरी मस्जिद तोड़ने का आरोप लगाया।
विवाद बड़ा तो मोहम्मद इब्राहिम ने यह सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दी। मालदीव सरकार ने इस बयान पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
इस बयान ने मालदीव और भारत के बीच डिप्लोमैटिक तनाव बढ़ गया, खासकर तब जब पीएम मोदी जल्द ही मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने वाले हैं।
कहा- मोदी को मालदीव बुलाना बड़ी गलती
अब्दुल्लाह ने अपने पोस्ट में लिखा था- मोदी इस्लाम के सबसे बड़ा दुश्मन हैं, वह एक आतंकवादी हैं। उन्होंने बाबरी मस्जिद गिराई है, पुरानी मुस्लिम जमीनों को लूटा और अहमदाबाद को कब्रिस्तान में बदल दिया। मालदीव का उन्हें बुलाना बड़ी गलती है।”
अब्दुल्लाह मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पत्नी साजिदा मोहम्मद की ओर से बनाए गए एक संगठन से जुड़े हैं।

अब्दुल्लाह ने यह पोस्ट मालदीव की भाषा धिवेही में किया था।
पीएम मोदी की यह तीसरी मालदीव यात्रा
पीएम मोदी 25 जुलाई को मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे और 26 जुलाई को द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह मोदी की मालदीव की तीसरी यात्रा होगी, जो दोनों देशों के बीच व्यापार, समुद्री सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करेगी।
मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ अक्टूबर 2024 में हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने एक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर काम शुरू किया है।
पीएम मोदी की पिछली दो मालदीव यात्रा…
- नवंबर 2018: पीएम मोदी, राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गए थे। इस दौरान उन्होंने मालदीव के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की थी।
- जून 2019: मोदी ने मालदीव की राजकीय यात्रा की, जिसमें उन्होंने मालदीव की संसद (मजलिस) को संबोधित किया और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था।

पीएम मोदी ने 2018 में मालदीव की राजधानी माले में राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से मुलाकात की।
पूर्व राष्ट्रपति बोले- भारत ने मालदीव की इकोनॉमी बचाई
मोहम्मद मुइज्जू के साले के उलट मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा है कि अगर भारत नहीं होता तो हमारी इकोनॉमी बर्बाद हो जाती।
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए नशीद ने बताया कि उनके देश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि अगर भारत ने समय पर मदद न की होती, तो मालदीव दिवालिया (डिफॉल्ट) हो गया होता।
2022-23 में पर्यटन ठप होने से मालदीव गहरे आर्थिक संकट में चला गया था। उस पर विदेशी कर्ज बढ़ गया था और डॉलर की भारी कमी थी। भारत ने अनाज-ईंधन सप्लाई और क्रेडिट लाइन देकर मालदीव को डिफॉल्ट होने से बचाया था।
नशीद का यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मालदीव दौरे के ठीक पहले आया है। पीएम मोदी 25 और 26 जुलाई को मालदीव के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि को तौर पर शामिल होंगे। यहां पढ़ें पूरी खबर…





























